देवरनियां विद्यालय में जलभराव पर सवाल
कंपोजिट विद्यालय देवरनियां की बदहाली पर उठे सवाल: जलभराव और स्थान के अभाव में जमीन पर झंडारोहण को मजबूर बच्चे
बरेली/(अनुराग सक्सेना और नसीम खान की रिपोर्ट) – जनपद बरेली के विकास खंड दमखोदा अंतर्गत स्थित कंपोजिट विद्यालय देवरनियां की बदहाल स्थिति को लेकर शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विद्यालय परिसर में फैली गंदगी, रख-रखाव का अभाव और जलभराव की समस्या के कारण बच्चों का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।
प्रमुख समस्याएं
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कार्यक्रमों के लिए स्थान का अभाव: विद्यालय में बच्चों के खड़े होने, दैनिक प्रार्थना और राष्ट्रीय पर्वों के आयोजन के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है। हालत यह है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे गरिमापूर्ण अवसर पर भी उचित मंच या स्थान न होने के कारण ध्वजारोहण (झंडारोहण) जमीन पर करने की मजबूरी सामने आई है।
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गंभीर जलभराव की स्थिति: बारिश के कारण परिसर में लगातार जलभराव बना रहता है, जिससे न केवल बच्चों के आवागमन और प्रार्थना में बाधा आ रही है, बल्कि संक्रामक बीमारियों और सुरक्षा का खतरा भी बढ़ गया है।
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बुनियादी सुविधाओं का टोटा: साफ-सफाई, जल निकासी और रखरखाव की कमी के चलते बच्चों को सम्मानजनक और सुरक्षित माहौल नहीं मिल पा रहा है।
प्रशासन और शिक्षा विभाग से गुहार
ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि यह स्थिति केवल विद्यालय की बदहाली नहीं, बल्कि बच्चों के सुरक्षित और स्वच्छ शिक्षा पाने के मूलभूत अधिकार पर सवालिया निशान है।
शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन से मांग की गई है कि:
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जमीनी निरीक्षण: कंपोजिट विद्यालय देवरनियां का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराया जाए।
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तत्काल समाधान: जल निकासी (Drainage System), परिसर की साफ-सफाई और जलभराव की समस्या का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
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उचित व्यवस्था: राष्ट्रीय पर्वों व प्रार्थना के लिए विद्यालय में व्यवस्थित और सुरक्षित स्थान का निर्माण कराया जाए।
ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी बेहतर सुविधाओं और सम्मानजनक वातावरण के हकदार हैं, ताकि हर बच्चे को स्वच्छ एवं सुरक्षित शिक्षा मिल सके।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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