दिल्ली के महरौली में बच्ची से दरिंदगी

दिल्ली के महरौली में दरिंदगी: 11 साल की बच्ची का अपहरण, दुष्कर्म और हत्या; मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी कैब चालक गिरफ्तार

नई दिल्ली:

राजधानी दिल्ली के महरौली इलाके से एक बार फिर मानवता को शर्मसार कर देने वाला और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ बीती 22 जून को एक 11 साल की मासूम बच्ची का अपहरण करने के बाद उसके साथ दुष्कर्म (रेप) किया गया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई। इस जघन्य अपराध का पता चलते ही पूरे इलाके में भारी जन-आक्रोश फैल गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और मुख्य आरोपी को एक मुठभेड़ के बाद दबोच लिया है।

🚨 मासूम का अपहरण, दुष्कर्म और फिर हत्या

पुलिस के आला अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह वारदात बेहद क्रूर और सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई:

  • 22 जून की वारदात: 11 वर्षीय मासूम बच्ची 22 जून को अचानक लापता हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने महरौली थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।

  • शर्मसार हुई इंसानियत: जांच में जुटी पुलिस को बच्ची का शव बरामद हुआ। मेडिकल जांच और शुरुआती फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई है कि हत्या से पहले मासूम के साथ दरिंदगी (दुष्कर्म) की गई थी और अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से आरोपी ने उसे मौत के घाट उतार दिया था।

🔫 पुलिस मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी गिरफ्तार

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार होने की फिराक में था, लेकिन दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम और स्थानीय पुलिस ने जाल बिछाकर उसे घेर लिया:

  • कैब चालक निकला दरिंदा: पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की मदद से मुख्य आरोपी की पहचान एक कैब चालक के रूप में की।

  • मुठभेड़ में लगी गोली: जब पुलिस टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए महरौली के सुनसान इलाके में घेराबंदी की, तो उसने खुद को घिरा देख पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई (क्रॉस फायरिंग) में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत दबोच लिया गया। उसे इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

⚖️ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज, फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग

दिल्ली पुलिस ने आरोपी कैब चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या, अपहरण और पोक्सो एक्ट (POCSO Act) की गंभीर व सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।

इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद स्थानीय निवासियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने रोष व्यक्त करते हुए मांग की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Court) में चलाई जाए और दोषी को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए।


(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


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