लक्ष्मी नगर: अवैध होटल पर सरकार शांत

लक्ष्मी नगर के मौर्य कॉम्प्लेक्स में अवैध होटल: बिना ID वेरिफिकेशन के बांग्लादेशी और रशियन नागरिकों को पनाह, संपादक की शिकायत पर भी सरकार मौन!

नई दिल्ली: देश की राजधानी और खासकर पूर्वी दिल्ली का लक्ष्मी नगर इलाका इस वक्त सुरक्षा के लिहाज से एक बेहद संवेदनशील टाइम बम पर बैठा हुआ है। मालवीय नगर के होटल कांड के बाद जहां पूरी दिल्ली के अवैध होटलों पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं लक्ष्मी नगर के सुभाष चौक स्थित B-28, मौर्य कॉम्प्लेक्स (4th Floor) से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जो न सिर्फ नियमों के उल्लंघन, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा से भी सीधे जुड़ा हुआ है।

‘ऑलराइट्स’ पत्रिका के संपादक गोपाल अग्रवाल द्वारा दिल्ली सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजे जाने के बावजूद इस गंभीर मामले पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासन की नीयत पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

क्या है पूरा मामला? बिना ID वेरिफिकेशन के रुक रहे विदेशी नागरिक!

शिकायत के मुताबिक, लक्ष्मी नगर, सुभाष चौक के B-28, मौर्य कॉम्प्लेक्स की चौथी मंजिल (4th Floor) पर नियमों को ताक पर रखकर एक अवैध होटल/गेस्ट हाउस का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस ठिकाने पर:

  • बिना किसी वैध ID वेरिफिकेशन और जरूरी कानूनी कागजातों के विदेशी नागरिकों को कमरे किराए पर दिए जा रहे हैं।

  • सूत्रों के मुताबिक, यहां संदिग्ध रूप से बांग्लादेशी और रशियन नागरिकों को ठहराया जा रहा है, जिनकी स्थानीय पुलिस या प्रशासन के पास कोई पुख्ता जानकारी या वेरिफिकेशन रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।

राजधानी के एक रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्र में बिना पहचान पत्र की जांच किए विदेशी नागरिकों को इस तरह पनाह देना दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ा खतरा साबित हो सकता है।

ऑलराइट्स संपादक गोपाल अग्रवाल की चिट्ठी पर क्यों सोया है प्रशासन?

इस पूरे गैर-कानूनी खेल का पर्दाफाश करते हुए ‘ऑलराइट्स’ के संपादक गोपाल अग्रवाल ने दिल्ली सरकार और संबंधित प्रशासनिक विभागों को बकायदा पत्र लिखकर इस अवैध होटल और वहां चल रही संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत भेजी थी।

प्रशासन से सीधे सवाल: एक जिम्मेदार मीडिया संस्थान के संपादक द्वारा लिखित में शिकायत दिए जाने के बाद भी दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और एमसीडी (MCD) हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठी है? आखिर इस अवैध होटल के मालिकों को किसका संरक्षण प्राप्त है कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ होने के बाद भी अधिकारी इस ओर से आंखें मूंदे हुए हैं?

आंतरिक सुरक्षा और एलियन एक्ट का खुला उल्लंघन

नियमों के मुताबिक, किसी भी विदेशी नागरिक को होटल या गेस्ट हाउस में ठहराने से पहले ‘सी-फॉर्म’ (C-Form) भरना और स्थानीय फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) व पुलिस को सूचित करना अनिवार्य होता है। लेकिन मौर्य कॉम्प्लेक्स की चौथी मंजिल पर चल रहे इस अवैध धंधे में इन सभी राष्ट्रीय सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

तुरंत हो सीलिंग और जांच!

मालवीय नगर में सिर्फ कमरों का हेरफेर था, लेकिन लक्ष्मी नगर के इस कॉम्प्लेक्स में मामला सीधे-सीधे सुरक्षा में सेंध का है। दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल को इस मामले का तुरंत संज्ञान लेना चाहिए:

  1. B-28, मौर्य कॉम्प्लेक्स (4th Floor) पर चल रहे इस अवैध होटल को तुरंत सील किया जाए।

  2. वहां रुके और अब तक रुक चुके सभी विदेशी नागरिकों के पासपोर्ट, वीजा और ID की गहनता से जांच की जाए।

  3. शिकायत मिलने के बाद भी कार्रवाई न करने वाले दोषी अधिकारियों पर सख्त एक्शन लिया जाए।

अगर अब भी दिल्ली प्रशासन नहीं जागा, तो किसी दिन इसके बेहद गंभीर और भयानक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।


(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


दिल्ली होटल कांड: MCD-सरकार नाकाम!

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