दिल्ली होटल कांड: MCD-सरकार नाकाम

दिल्ली में ‘अग्निकांड’ का इंतज़ार? 6 कमरों के लाइसेंस पर चल रहे 25 कमरे, प्रशासन की नाक के नीचे बड़ा खेल!

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर एक बड़े हादसे के मुहाने पर खड़ी है। आज दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी आग ने प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है। जांच में जो खुलासा हुआ है, वह बेहद चौंकाने वाला और डराने वाला है। जिस होटल में आग लगी, उसके पास महज 6 कमरों का लाइसेंस था, लेकिन वहां नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से 25 कमरे चलाए जा रहे थे।

सवाल यह उठता है कि दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली सरकार के आला अधिकारी आखिर किसकी शह पर आंखें मूंदे बैठे हैं? क्या प्रशासन को किसी बड़े हादसे या मासूमों की जान जाने का इंतज़ार है?

मालवीय नगर तो सिर्फ बानगी है, लक्ष्मी नगर में आई है ‘अवैध होटलों’ की बाढ़!

अगर आप सोचते हैं कि यह गड़बड़झाला सिर्फ मालवीय नगर तक सीमित है, तो आप गलत हैं। पूर्वी दिल्ली का लक्ष्मी नगर इलाका इस वक्त अवैध और बिना मानकों के चल रहे होटलों का सबसे बड़ा गढ़ बन चुका है। लक्ष्मी नगर की संकरी गलियों और रिहायशी इलाकों में कुकुरमुत्ते की तरह होटलों और गेस्ट हाउसों की बाढ़ आ गई है।

 

बड़ा सवाल: क्या लक्ष्मी नगर में धड़ल्ले से चल रहे ये सैकड़ों होटल लीगल हैं? क्या इनके पास फायर एनओसी (Fire NOC), एमसीडी का वैध लाइसेंस और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं? ग्राउंड रियलिटी तो यही इशारा करती है कि नियमों की धज्जियां उड़ाकर रिहायशी मकानों को होटलों में तब्दील कर दिया गया है।

MCD और दिल्ली सरकार की चुप्पी पर उठते गंभीर सवाल

मालवीय नगर की घटना ने दिल्ली सरकार और MCD की कार्यप्रणाली को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है:

  • भ्रष्टाचार की बू: बिना प्रशासनिक मिलीभगत के एक रिहायशी या कमर्शियल बिल्डिंग में 6 की जगह 25 कमरे कैसे चल सकते हैं? क्या लोकल लेवल पर इसकी उगाही की जा रही है?

  • फायर सेफ्टी से खिलवाड़: लक्ष्मी नगर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अगर मालवीय नगर जैसा हादसा दोबारा होता है, तो संकरी गलियों के कारण दमकल की गाड़ियां तक नहीं पहुंच पाएंगी। इसका जिम्मेदार कौन होगा?

  • प्रशासनिक सुस्ती: सिविक एजेंसियों के पास हर इलाके का ब्यौरा होता है, फिर भी अवैध निर्माण और बिना लाइसेंस के चल रहे इन होटलों पर बुलडोजर या सीलिंग की कार्रवाई क्यों नहीं होती?

अब तो जागिए सरकार! तुरंत हो सख्त एक्शन

दिल्ली की जनता अब खोखले आश्वासनों से थक चुकी है। मालवीय नगर की घटना एक चेतावनी है। दिल्ली सरकार और एमसीडी को तुरंत नींद से जागना होगा और निम्नलिखित कदम उठाने होंगे:

  1. लक्ष्मी नगर समेत पूरी दिल्ली के होटलों का तुरंत औचक निरीक्षण (Surprise Audit) हो।

  2. लाइसेंस की क्षमता से अधिक कमरे चलाने वाले और बिना Fire NOC के चल रहे होटलों को तुरंत सील किया जाए।

  3. लापरवाह अधिकारियों और बोगस रिपोर्ट तैयार करने वाले इंस्पेक्टर्स पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

अगर आज सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो दिल्ली के लक्ष्मी नगर जैसे इलाके किसी दिन बड़े हादसे का गवाह बनेंगे, और तब जवाब देने के लिए प्रशासन के पास सिर्फ खोखली संवेदनाएं होंगी।


(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


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