कृष्ण भूषण की पत्नी को सरकारी नौकरी
सुल्तानगंज EO हत्याकांड: शहीद अधिकारी की पत्नी को सरकारी नौकरी देगी बिहार सरकार; CM सम्राट चौधरी ने किया वादा
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सुल्तानगंज के दिवंगत कार्यपालक पदाधिकारी (EO) स्व. कृष्ण भूषण कुमार के परिवार के प्रति बड़ी संवेदनशीलता दिखाते हुए उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कर्तव्य की वेदी पर अपनी जान देने वाले अधिकारी के परिवार की देखभाल करना राज्य सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री से मिला पीड़ित परिवार
शुक्रवार को दिवंगत अधिकारी की पत्नी शालू कुमारी और उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान:
-
भविष्य की चिंता: शालू कुमारी ने मुख्यमंत्री को परिवार के भरण-पोषण और भविष्य में आने वाली चुनौतियों से अवगत कराया।
-
भरोसा: मुख्यमंत्री ने परिवार को ढांढस बंधाया और कहा कि “राज्य सरकार आपके साथ खड़ी है।” उन्होंने नियमानुसार शालू कुमारी को सरकारी नौकरी देने का भरोसा दिलाया।
साहस और बलिदान का सम्मान
मुख्यमंत्री ने कृष्ण भूषण कुमार को ‘वीर’ संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने अपराधियों से लोहा लेते हुए अपना बलिदान दिया है।
-
आर्थिक सहायता: इससे पहले राज्य सरकार ने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की थी।
-
राजकीय सम्मान: शहीद अधिकारी का अंतिम संस्कार भी राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक आवास मधुबनी में किया गया था।
क्या थी घटना?
गौरतलब है कि 28 अप्रैल 2026 को सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में दिनदहाड़े अपराधियों ने हमला किया था। अपराधियों का मुख्य निशाना नगर परिषद के सभापति राज कुमार गुड्डू थे। जब अपराधियों ने सभापति पर हमला किया, तब कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार ने निडरता दिखाते हुए अपराधियों को पकड़ने की कोशिश की। इसी दौरान हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
अपराधियों पर कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रामधनी यादव को एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया है, जबकि अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि बिहार में कानून का राज स्थापित रहेगा और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
(पटना – पीयूष कुमार प्रियदर्शी):
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

सम्राट चौधरी पैदल पहुंचे सचिवालय!
