कारखाने का पर्दाफाश, 763 किलो चायपत्ती बरामद
यूपी एसटीएफ का बड़ा भंडाफोड़: बाराबंकी में कैमिकल युक्त नकली चायपत्ती बनाने वाले कारखाने का पर्दाफाश, 763 किलो चायपत्ती बरामद
बाराबंकी/लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बेहद खतरनाक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ की टीम ने जनपद बाराबंकी के बड्डूपुर थाना क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित की जा रही नकली व मिलावटी चायपत्ती बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारकर भारी मात्रा में कैमिकल युक्त चायपत्ती बरामद की है और मौके से गिरोह के एक मुख्य सदस्य को गिरफ्तार किया है।
ब्रांडेड पैकेटों में बेची जा रही थी ‘जहरीली’ चाय
प्रेस नोट संख्या 204 के अनुसार, यह कार्रवाई 4 जुलाई 2026 को शाम करीब 06:30 बजे ग्राम शाहपुर में अंजाम दी गई। एसटीएफ ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसकी पहचान मोहम्मद शकील (पुत्र मोहम्मद युनुस, निवासी ग्राम शाहपुर, बाराबंकी) के रूप में हुई है।
फैक्ट्री से बरामदगी का विवरण:
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763.75 किलोग्राम मिलावटी चायपत्ती: भारत सरकार के खाद्य मानकों के विपरीत तैयार की गई नकली चायपत्ती (बाजार मूल्य लगभग 1.50 लाख रुपये)।
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फर्जी ब्रांडेड पैकेट: ‘फास्ट-टी’ (Fast-Te) ब्रांड के 17 पैकेट और ‘गार्डन फेस’ (Garden Face) ब्रांड के कुल 1918 पैकेट।
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3.9 किलोग्राम कैमिकल रंग: चायपत्ती को गहरा रंग देने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला हानिकारक कैमिकल।
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पैकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर: 01 अदद आधुनिक पैकिंग मशीन और 149.5 किलोग्राम खाली प्लास्टिक रैपर्स।
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दस्तावेज: 01 अदद आधार कार्ड।
असम से मंगाई जाती थी रद्दी पत्ती, लखनऊ समेत कई जिलों में सप्लाई
एसटीएफ की कड़ी पूछताछ में आरोपी मोहम्मद शकील ने इस काले कारोबार के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया:
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कैमिकल का खेल: गिरोह के सदस्य असम से बेहद कम दामों पर रद्दी और बेकार चायपत्ती मंगाते थे। इसके बाद उसे ज्यादा कड़क (स्ट्रांग) और चमकदार दिखाने के लिए उसमें खतरनाक कैमिकल्स और रंग मिलाए जाते थे।
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बड़ा सप्लाई नेटवर्क: इस मिलावटी चायपत्ती को नामी कंपनियों के फर्जी रैपरों में पैक करके लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, शाहजहाँपुर और बहराइच जैसे कई जनपदों के बाजारों में धड़ल्ले से सप्लाई किया जाता था, जिससे गिरोह को मोटा मुनाफा हो रहा था।
एसटीएफ की टीम और कानूनी कार्रवाई
बाराबंकी और आस-पास के इलाकों में नकली चायपत्ती की बिक्री की मिल रही शिकायतों के बाद, अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) एसटीएफ उ०प्र०, श्री अवनीश्वर चन्द्र श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया था। उप-निरीक्षक राजेश सिंह के नेतृत्व में मुख्य आरक्षी सुनील मिश्रा, रमाशंकर चौधरी, चेतन सिंह, शैलेन्द्र कुमार उपाध्याय, श्री कृष्ण गिरि और चालक नीरज कुमार की टीम ने इस सफल छापेमारी को अंजाम दिया।
गिरफ्तार अभियुक्त मोहम्मद शकील के खिलाफ थाना बड्डूपुर (बाराबंकी) में मुकदमा अपराध संख्या 260/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(4), 274 और 275 (धोखाधड़ी और खाद्य पदार्थों में मिलावट) के तहत केस दर्ज कराया गया है। इस संगठित गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

