IIT गुवाहाटी: छात्र का मिला शव
आईआईटी गुवाहाटी कैंपस में मिला बीटेक छात्र का शव: ओडिशा के मेधावी छात्र रितेश राज सिंह ने पांचवीं मंजिल से लगाई छलांग, पुलिस को आत्महत्या का शक
विशेष राष्ट्रीय एवं शिक्षा ब्यूरो: गुवाहाटी (असम)
देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में शुमार इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) गुवाहाटी कैंपस से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। संस्थान के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के बीटेक तीसरे साल के छात्र का शव परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ है।
मृतक छात्र की पहचान ओडिशा के पुरी जिले के रहने वाले रितेश राज सिंह के रूप में हुई है, जो कैंपस के ब्रह्मपुत्र हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा था।
पांचवीं मंजिल से छलांग लगाने की आशंका
पुलिस सूत्रों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, रितेश राज सिंह ने कथित तौर पर 26 जुलाई को दोपहर करीब 2:30 बजे कैंपस की एक इमारत की पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस इस पूरे मामले में आत्महत्या (Suicide) की आशंका जताते हुए हर पहलू से गहराई से जांच कर रही है।
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पोस्टमार्टम की कार्रवाई: छात्र के शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज (GMC) भेज दिया है।
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संस्थान का आधिकारिक बयान: आईआईटी गुवाहाटी प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि संस्थान पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और पुलिस रिपोर्ट आने के बाद ही इस पर आधिकारिक रूप से कुछ और कहा जा सकेगा।
पढ़ाई में बेहद होनहार और कोडिंग क्लब के थे हेड
रितेश राज सिंह को संस्थान के सबसे मेधावी और प्रतिभाशाली छात्रों में गिना जाता था:
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गोल्डमैन सैक्स में इंटर्नशिप: मृतक छात्र को प्रतिष्ठित कंपनी गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) में इंटर्नशिप का अवसर मिला था।
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कोडिंग क्लब के प्रमुख: वह आईआईटी गुवाहाटी के ‘कोडिंग क्लब’ में कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग के हेड (Head) के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
निदेशक ने छात्रों को भेजा शोक संदेश
आईआईटी गुवाहाटी के निदेशक (Director) प्रोफेसर देवेंद्र जलिहाल ने रविवार शाम एक ईमेल के जरिए सभी छात्रों और शिक्षकों को रितेश के असामयिक निधन की दुखद सूचना दी। ईमेल में लिखा गया:
“बड़े दुख के साथ मैं आपको कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग विभाग के बीटेक थर्ड ईयर के छात्र रितेश राज सिंह के असमय निधन की सूचना दे रहा हूँ। यह हमारे आईआईटीजी (IITG) परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है।”
संस्थान ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि वे छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं। कैंपस में छात्रों की काउंसलिंग के लिए ‘साथी’ (SAATHI) क्लब और ‘सेंटर फॉर होलिस्टिक वेलबीइंग’ के माध्यम से चौबीसों घंटे (24×7) पेशेवर मनोचिकित्सकों और काउंसलर्स की मदद उपलब्ध कराई जाती है।
राष्ट्रीय एवं शिक्षा ब्यूरो: गुवाहाटी (असम)
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
ALL rights magazine (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)

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