‘सड़क बनेगी तो धंसेगी’: डिप्टी सीएम का बयान

‘सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो फिर बनेगी’: टूटी सड़कों पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयान से मचा सियासी बवाल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून की भारी बारिश के बाद सड़कों की बदहाली, गड्ढों और नवनिर्मित सड़कों के धंसने को लेकर सूबे की राजनीति में गर्माहट आ गई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग (PWD) के पूर्व मंत्री केशव प्रसाद मौर्य के टूटी और धंसी हुई सड़कों को लेकर दिए गए एक अजीबोगरीब और विवादित बयान ने राजनीतिक हलकों में तहलका मचा दिया है। उन्होंने सड़कों के निर्माण और उनके धंसने की प्रक्रिया को एक ‘सामान्य तकनीकी चक्र’ करार देते हुए कहा कि “सड़क बनेगी तो धंसेगी, और धंसेगी तो फिर बनेगी।”

उपमुख्यमंत्री के बयान ने पकड़ा तूल प्रदेश भर में मूसलाधार बारिश के बाद कई प्रमुख हाईवे और ग्रामीण सड़कों के धंसने और गड्ढों में तब्दील होने की शिकायतों पर जब मीडिया ने उपमुख्यमंत्री से सवाल पूछा, तो उनके जवाब ने नई बहस छेड़ दी:

  • ‘स्वाभाविक प्रक्रिया’ का तर्क: केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि निर्माण कार्य के बाद मिट्टी के दबने और प्राकृतिक कारणों से सड़कों का धंसना एक प्रक्रिया है। जहां भी सड़कें क्षतिग्रस्त होंगी, उन्हें दोबारा बनाया और सुधारा जाएगा।

  • विपक्ष का तीखा हमला: उपमुख्यमंत्री के इस बयान के सामने आते ही विपक्षी दलों (समाजवादी पार्टी और कांग्रेस) ने सरकार की मंशा और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर करारा हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि यह बयान PWD और कार्यदायी संस्थाओं में फैले भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल पर पर्दा डालने की कोशिश है।

जनता की गाढ़ी कमाई और सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल मजाक और बयानों से इतर प्रदेश में टूटी और धंसी हुई सड़कें आम जनता के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं:

  • हादसों का बढ़ा खतरा: मानसून के दौरान सड़कों के धंसने और गड्ढों में जलभराव के कारण आए दिन गंभीर सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनमें निर्दोष लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।

  • गुणवत्ता और गारंटी पर सवाल: जनता और नागरिक संगठनों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली सड़कें पहली ही बारिश में कैसे धंस जाती हैं? यदि ‘सड़क बनेगी तो धंसेगी’ की मानसिकता से काम होगा, तो ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही कैसे तय होगी?

सरकार ने दावा किया है कि बारिश का मौसम थमते ही पूरे प्रदेश में युद्धस्तर पर गड्ढामुक्त अभियान (Pothole-free campaign) चलाकर सभी सड़कों को दुरुस्त किया जाएगा, लेकिन उपमुख्यमंत्री के इस बयान ने प्रशासनिक सजगता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

दिल्ली हादसा: रेखा गुप्ता की सख्त चेतावनी!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: