गुरुग्राम मॉल स्पा रेड: पुलिस व महिला आयोग की बड़ी कार्रवाई, 8 सेंटरों में मिले संदिग्ध सबूत, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
“गुरुग्राम के सैफायर 90 मॉल में 18 स्पा सेंटरों पर पुलिस और महिला आयोग की बड़ी कार्रवाई: 50 लोग जांच के दायरे में, ह्यूमैन ट्रैफिकिंग एंगल से भी पड़ताल तेज”
गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम स्थित सेक्टर-90 के सैफायर 90 मॉल (Sapphire 90 Mall) में अवैध गतिविधियों और संदिग्ध स्पा सेंटरों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा संयुक्त क्रैकडाउन किया है। गुरुग्राम पुलिस और हरियाणा राज्य महिला आयोग (Haryana State Commission for Women) की संयुक्त टीमों द्वारा चलाए गए लगभग छह घंटे लंबे सघन ‘ऑपरेशन’ के बाद इलाके के व्यावसायिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मॉल में संचालित 18 स्पा सेंटरों में से 8 सेंटरों में प्रथम दृष्टया संदिग्ध और गैर-कानूनी गतिविधियों से जुड़े ठोस साक्ष्य मिले हैं।
1. 6 घंटे का ज्वाइंट ऑपरेशन: 30 महिलाएं और 20 पुरुष जांच के दायरे में
स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और महिला आयोग को मिल रही लगातार शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई:
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विस्तृत जांच: छापेमारी के दौरान लगभग 30 महिलाओं और 20 पुरुषों को पूछताछ और विस्तृत जांच के दायरे में लिया गया है।
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गंभीर धाराओं के तहत पड़ताल: मामले में केवल अनैतिक गतिविधियों ही नहीं, बल्कि संभावित मानव तस्करी (Human Trafficking), महिलाओं के साथ जबरदस्ती/दबाव (Coercion) और उम्र सत्यापन (Age Verification) जैसे बेहद संवेदनशील और गंभीर कानूनी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।
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संदिग्ध सामग्री जब्त: मौके से बरामद संदिग्ध पदार्थों, दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की वास्तविक प्रकृति फॉरेंसिक जांच के बाद स्पष्ट होगी।
2. महिला आयोग का संवेदनशील दृष्टिकोण: “महिलाओं को स्वतः आरोपी न माना जाए”
इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस और महिला आयोग की टीम ने एक बेहद जिम्मेदार और कानून-सम्मत रुख अपनाया है:
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पीड़ित के रूप में जांच: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल हिरासत में लेने या पूछताछ के दायरे में आने का मतलब अपराध सिद्ध होना नहीं है।
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ट्रैफिकिंग विक्टिम पहलू: सेंटरों में काम करने वाली महिलाओं को स्वतः आरोपी नहीं माना जा रहा है; बल्कि जांच टीम इस पहलू को प्रमुखता से देख रही है कि कहीं ये महिलाएं मजबूरी, दवाब या ‘ह्यूमैन ट्रैफिकिंग’ (Human Trafficking) का शिकार तो नहीं बनी हैं।
3. बड़ा सवाल: इन अवैध सेंटरों का असली नेटवर्क और ऑपरेटर कौन?
इस बड़े क्रैकडाउन के बाद अब सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह खड़ा हो गया है कि मॉल में एक साथ 18 स्पा सेंटरों की आड़ में इतना बड़ा संजाल कौन चला रहा था?
स्थानीय निवासियों और कानून-व्यवस्था विशेषज्ञों का मानना है कि केवल फ्रंट पर काम करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि इन स्पा सेंटरों के असली मालिकों (Operators), लाइसेंस जारी करने वाले विभागों की भूमिका और पूरे सिंडिकेट/नेटवर्क के आकाओं को बेनकाब कर कानून के शिकंजे में लाना बेहद जरूरी है।
निष्कर्ष
व्यावसायिक परिसरों में स्पा की आड़ में पनप रहे गैर-कानूनी धंधों पर गुरुग्राम पुलिस और हरियाणा महिला आयोग की यह संयुक्त कार्रवाई एक नजीर पेश करती है। देखना होगा कि जांच के बाद इस पूरे नेटवर्क के कौन-कौन से बड़े चेहरे बेनकाब होते हैं।
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