‘Russian National Day 2026’ का भव्य आयोजन

विश्व पटल पर गूंज रही रूसी भाषा: UN ने मनाया इंटरनेशनल रशियन डे, मुंबई में ‘रशियन नेशनल डे 2026’ की धूम!

/मुंबई: वैश्विक कूटनीति, विज्ञान और साहित्य के क्षेत्र में रूसी भाषा और संस्कृति का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दुनिया भर में बहुभाषावाद और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र (UN) की ओर से हर साल 6 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय रूसी भाषा दिवस’ (Russian Language Day) बेहद खास अंदाज में मनाया जाता है। इसी सांस्कृतिक उत्सव की एक भव्य झलक देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी देखने को मिली, जहां ‘रशियन नेशनल डे 2026’ का विशेष आयोजन किया गया।

✍️ आधुनिक रूसी साहित्य के जनक ‘अलेक्जेंडर पुश्किन’ को समर्पित दिन

यह दिन महज एक भाषा का उत्सव नहीं है, बल्कि यह इतिहास के सबसे महान रचनाकारों में से एक को श्रद्धांजलि है:

  • पुश्किन की जयंती: 6 जून को आधुनिक रूसी साहित्य के जनक और महान कवि अलेक्जेंडर पुश्किन की जयंती होती है, जिनके सम्मान में संयुक्त राष्ट्र ने इस दिन की शुरुआत की थी।

  • 26 करोड़ बोलने वाले: रूसी भाषा दुनिया की सबसे समृद्ध और जटिल भाषाओं में से एक है। वर्तमान में वैश्विक स्तर पर 26 करोड़ से अधिक लोग इस भाषा को बोलते हैं।

  • अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की भाषा: यह संयुक्त राष्ट्र (UN) की छह आधिकारिक भाषाओं में से एक है। अंतरिक्ष विज्ञान (Space Science) से लेकर अंतरराष्ट्रीय संधियों तक में इस भाषा का ऐतिहासिक और विशेष स्थान है।

🇷🇺 मुंबई में ‘Russian National Day 2026’ का भव्य आयोजन

अंतरराष्ट्रीय रूसी भाषा दिवस के ठीक बाद भारत में रूसी संस्कृति और दोनों देशों के बीच की गहरी दोस्ती का एक शानदार नजारा देखने को मिला। मुंबई में “Russian National Day 2026” के अवसर पर एक विशेष और वीआईपी (VIP) कार्यक्रम का आयोजन किया गया:

  • राजनयिक उपस्थिति: इस खास और गरिमामयी आयोजन की मेजबानी मुंबई में रूसी संघ के महावाणिज्य दूत (Consul General of the Russian Federation) इवान वाई. फेतिसोव (Ivan Y. Fetisov) द्वारा की गई, जिन्होंने मेहमानों का सादर स्वागत किया।

  • मजबूत होते द्विपक्षीय रिश्ते: कार्यक्रम के दौरान भारत और रूस के कई गणमान्य व्यक्तियों और राजनयिकों को एक मंच पर साथ देखा गया। यह एकजुटता भारत और रूस के बीच समय की कसौटी पर खरे उतरे मजबूत द्विपक्षीय, रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को बयां करती है।

सांस्कृतिक आदान-प्रदान: इस वैश्विक जुड़ाव वाले कार्यक्रम में रूसी भाषा, वहां की समृद्ध विरासत, इतिहास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मॉस्को के बढ़ते प्रभाव को बेहद आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया। युवाओं को इस ऐतिहासिक भाषा को सीखने के लिए प्रेरित करने के लिए दुनिया भर के सांस्कृतिक केंद्रों में कविता पाठ और विशेष गोष्ठियों का भी आयोजन किया जा रहा है।


विशेष अतिथि विनय कुमार

(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


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