अमेरिकी हमले में कैडेट आदित्य की मौत

अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले आदित्य शर्मा कौन? ओमान तट पर तेल टैंकर पर हुई थी बमबारी, 3 भारतीयों की मौत से देश स्तब्ध!


🛳️ कौन थे कैडेट आदित्य शर्मा?

इमेज में दिख रहे आदित्य शर्मा महज 23 साल के एक होनहार युवक थे।

  • घर के इकलौते चिराग: आदित्य हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले (गलोड़ इलाके के हरेटा गांव) के रहने वाले थे और अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे।

  • 15 महीने का ट्रेनिंग पीरियड: वह इस कमर्शियल तेल टैंकर पर बतौर डेक कैडेट (प्रोबेशन पर) अपनी सेवाएं दे रहे थे और पिछले करीब 6 महीनों से जहाज पर कार्यरत थे।

  • आखिरी बातचीत: हमले से ठीक एक घंटे पहले आदित्य ने अपने पिता को व्हाट्सऐप पर मैसेज कर कहा था कि ‘वह ठीक हैं’, लेकिन उसके बाद यह खौफनाक हादसा हो गया।

🚀 ओमान के पास क्या हुआ था? क्यों हुआ अमेरिकी हमला?

यह पूरी घटना ओमान के तट के पास होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) के नजदीक की है।

  • MT Settebello पर हमला: पलाऊ (Palau) के झंडे वाले एक अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल तेल टैंकर ‘एमटी सेट्टेबेल्लो’ (MT Settebello) पर अमेरिकी सेना ने अपने आधुनिक और सटीक हथियारों से सीधे इंजन रूम पर हमला कर दिया।

  • अमेरिका का दावा: अमेरिकी नौसेना का दावा है कि इस तेल टैंकर पर ईरानी तेल लदा हुआ था और यह जहाज अमेरिका द्वारा क्षेत्र में लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी (Blockade) को तोड़ने की कोशिश कर रहा था, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।

  • क्रू की स्थिति: जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे。 अमेरिकी हमले के बाद मची अफरा-तफरी में 21 भारतीयों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया, लेकिन 3 भारतीय नाविकों की इस हमले में जान चली गई।

💔 आदित्य के अलावा ये 2 भारतीय भी हुए शिकार

इस भीषण हमले में जान गंवाने वाले तीन भारतीय इस प्रकार हैं:

  1. आदित्य शर्मा (23 वर्ष): डेक कैडेट, हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश)।

  2. शिवानंद चौरसिया (31 वर्ष): वेल्डर/इंजन फिटर, देवरिया (उत्तर प्रदेश)। वह अपनी पहली विदेश यात्रा पर थे और उनके पीछे उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं।

  3. पटनाला सुरेश (44 वर्ष): चीफ मैरीन इंजीनियर, विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश)।

⚖️ पीड़ित परिवार का फूटा गुस्सा: “यह एक वॉर क्राइम है!”

आदित्य शर्मा के पिता राजेश शर्मा और उनके पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। दुखी परिवार ने सरकार से न्याय की मांग करते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं:

  • जवाबदेही तय हो: पिता ने इसे सीधे तौर पर एक ‘वॉर क्राइम’ (युद्ध अपराध) करार दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अमेरिकी नौसेना से पहले ही दो बार चेतावनी मिल चुकी थी, तो जहाज के कैप्टन ने किसकी अनुमति से जहाज को इतने संवेदनशील और तनावग्रस्त इलाके में आगे बढ़ाया?

  • जांच की मांग: परिवार ने केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और हिमाचल सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और उनके बेटे के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाए।

🇮🇳 भारत सरकार का एक्शन और विदेश मंत्रालय का कड़ा रुख

इस दुखद घटना के बाद भारत के केंद्रीय बंदरगाह और जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मौतों की पुष्टि करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और अमेरिकी दूतावास के समक्ष अपना औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। भारत सरकार ओमान में मौजूद भारतीय दूतावास के जरिए स्थानीय अधिकारियों से लगातार संपर्क में है ताकि रेस्क्यू किए गए 21 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वतन वापस लाया जा सके और शहीदों के पार्थिव शरीरों को ससम्मान उनके घर पहुंचाया जा सके।


(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


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