मद्रास HC का झटका: पीड़ित नौकरी रद्द
मद्रास हाई कोर्ट से विजय सरकार को बड़ा झटका: करूर भगदड़ पीड़ितों को सरकारी नौकरी देने का आदेश रद्द
विशेष प्रादेशिक एवं कानूनी ब्यूरो: नई दिल्ली / चेन्नई
मद्रास हाई कोर्ट ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए करूर भगदड़ पीड़ितों को सरकारी नौकरी प्रदान करने के विजय सरकार के आदेश को रद्द कर दिया है। अदालत के इस फैसले को सरकार के लिए एक बड़े रणनीतिक व कानूनी झटके के रूप में देखा जा रहा है।
मद्रास हाई कोर्ट ने पलटा सरकार का फैसला
मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने सरकार द्वारा पीड़ितों और उनके परिजनों को अनुकंपा या विशेष योजना के तहत सरकारी नौकरी देने के निर्णय पर रोक लगाते हुए इसे रद्द कर दिया।
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अदालत की सख्त टिप्पणी: कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में नीतिगत निर्णयों को कानूनी और संवैधानिक मानकों के अनुरूप होना आवश्यक है।
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आगे की कानूनी राह: इस फैसले के बाद अब सरकार के पास ऊपरी अदालत में अपील करने या फैसले की समीक्षा याचिका दाखिल करने का विकल्प बचा है।
क्या था पूरा मामला?
करूर में हुई दुर्भाग्यपूर्ण भगदड़ की घटना के बाद सरकार ने पीड़ितों के परिवारों को राहत पहुंचाते हुए मुआवजा और सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया था। हालांकि, इस फैसले की वैधता को लेकर मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अब नौकरी देने के आदेश को खारिज कर दिया है।
(मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी और कानूनी प्रतिक्रियाओं का इंतजार है। खबर अपडेट की जा रही है।)
प्रादेशिक एवं कानूनी ब्यूरो: नई दिल्ली / चेन्नई
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
ALL rights magazine (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)
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