कांवड़ शिविर सहायता राशि अब ₹15 लाख

दिल्ली में कांवड़ यात्रियों के लिए बड़ा ऐलान: CM रेखा गुप्ता सरकार ने कांवड़ शिविरों की आर्थिक सहायता बढ़ाकर की ₹15 लाख, 1200 यूनिट बिजली भी मिलेगी फ्री

विशेष सांस्कृतिक ब्यूरो: अमरजीत सिंह

बरेली (उत्तर प्रदेश)

हर साल श्रावण (सावन) के पावन महीने में दिल्ली शिवभक्ति के अनूठे रंग में रंग जाती है। सनातन आस्था और समृद्ध परंपरा के इस पावन पर्व ‘कांवड़ यात्रा’ में शामिल होने वाले प्रत्येक कांवड़िए को दिल्ली सरकार अपना श्रद्धेय अतिथि मानकर उनकी सेवा और सुरक्षा के लिए कटिबद्ध है।

इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने कांवड़ियों के स्वागत और कांवड़ शिविरों के संचालन को लेकर कई बड़े और ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।

कांवड़ शिविरों के लिए आर्थिक सहायता में भारी बढ़ोतरी

कांवड़ यात्रियों की सेवा में लगे आयोजकों और समितियों को राहत देते हुए दिल्ली सरकार ने शिविरों के लिए दी जाने वाली सहायता राशि में उल्लेखनीय वृद्धि करने का फैसला किया है:

  • ₹15 लाख तक की आर्थिक मदद: बड़े कांवड़ शिविरों (Kanwar Camps) के सुचारू संचालन और बेहतर सुविधाओं के लिए सहायता राशि को बढ़ाकर अब ₹15 लाख तक कर दिया गया है।

  • 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली: कांवड़ शिविरों में निर्बाध प्रकाश, पंखे और अन्य विद्युतीय व्यवस्थाओं के लिए सरकार 1,200 यूनिट तक निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराएगी।

डीबीटी (DBT) से पारदर्शी सहायता और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को आधुनिक, पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए विशेष नीतियां तैयार की हैं:

  1. पारदर्शी सहायता (DBT): कांवड़ समितियों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता का भुगतान सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

  2. अंतर-विभागीय समन्वय: दिल्ली पुलिस, एमसीडी, स्वास्थ्य विभाग और जल बोर्ड समेत सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर कांवड़ियों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम मार्ग व स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री के इस फैसले से इस वर्ष दिल्ली से गुजरने वाले लाखों शिवभक्तों की यात्रा और अधिक मंगलमय एवं सुविधाजनक बनेगी।

प्रादेशिक ब्यूरो: नई दिल्ली

सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

ALL rights magazine (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)

जंतर-मंतर केस वापसी की कानूनी प्रक्रिया!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: