शिक्षा और संस्कार ही सशक्त राष्ट्र का आधार’: CM
शिक्षा और संस्कार ही सशक्त राष्ट्र का आधार’: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया भारतीय संस्कृति और शिक्षा के समावेश का संदेश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत की पारंपरिक शिक्षा प्रणाली और सांस्कृतिक मूल्यों पर जोर देते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की यह सनातन अवधारणा और मजबूत विश्वास रहा है कि किसी भी देश की प्रगति और उसकी वास्तविक सामर्थ्य केवल आर्थिक या भौतिक विकास से नहीं, बल्कि उसकी युवा पीढ़ी में निहित शिक्षा और संस्कारों से तय होती है।
‘राष्ट्र की भावनाओं के अनुरूप हो शिक्षा’: CM योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीयता के समावेश को अनिवार्य बताते हुए कहा:
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बचपन से युवावस्था तक संस्कार: कोई भी राष्ट्र तभी वास्तविक मायनों में सशक्त, आत्मनिर्भर और समर्थ बन सकता है, जब वहाँ के बच्चों को बचपन से लेकर युवा पीढ़ी बनने तक उस राष्ट्र की मूल भावनाओं, परंपराओं और संस्कृति के अनुकूल शिक्षा प्राप्त हो।
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सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव: उन्होंने जोर दिया कि आधुनिक तकनीक और किताबी ज्ञान के साथ-साथ युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और नैतिक दायित्वों से जोड़ना अनिवार्य है, ताकि वे केवल डिग्री धारक न बनें बल्कि राष्ट्र निर्माण में जिम्मेदार नागरिक के रूप में योगदान दें।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और उत्तर प्रदेश की पहल प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार प्रदेश के प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप बदलाव ला रही है। इसमें भारतीय ज्ञान परंपरा (Indian Knowledge System) और नैतिक शिक्षा को पाठ्यक्रमों का हिस्सा बनाया जा रहा है ताकि नई पीढ़ी को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ उनमें राष्ट्र प्रथम की भावना और उच्च संस्कारों का बीजारोपण किया जा सके।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

