जातिगत जनगणना: गहलोत ने मोदी सरकार को घेरा
जातिगत जनगणना प्रारूप पर गरमाई राजनीति: अशोक गहलोत का मोदी सरकार पर हमला, नीयत पर उठाए सवाल
अहमदाबाद: देश में बहुप्रतीक्षित जातिगत जनगणना (Caste Census) के मुद्दे पर केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। गुजरात के अहमदाबाद में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया जातिगत जनगणना का वर्तमान प्रारूप (Format) देश के सामाजिक न्याय के उद्देश्यों को पूरा करने में पूरी तरह विफल है।
‘जनगणना से तय होगी वास्तविक भागीदारी’: अशोक गहलोत पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी सामाजिक और आर्थिक समानता के लिए लगातार मुखर रही है:
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शीर्ष नेतृत्व की मांग: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लंबे समय से देशव्यापी पारदर्शी जातिगत जनगणना की मांग उठा रहे हैं।
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विकास की मुख्यधारा: गहलोत ने कहा कि देश में हर वर्ग की सटीक सामाजिक और आर्थिक स्थिति का पता लगाना अनिवार्य है। इससे सभी समुदायों की वास्तविक और आनुपातिक भागीदारी सुनिश्चित होगी, जिससे देश एक साथ मिलकर समावेशी विकास की ओर आगे बढ़ेगा।
‘मोदी सरकार का प्रस्तुत प्रारूप आधी-अधूरी मंशा’: कांग्रेस का आरोप अहमदाबाद में संवाददाताओं से बात करते हुए गहलोत ने कहा कि जिस स्वरूप में केंद्र सरकार ने इस प्रक्रिया का ढांचा पेश किया है, उससे साफ झलक रहा है कि सरकार की नीयत ठीक नहीं है।
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पारदर्शिता का अभाव: कांग्रेस का दावा है कि वर्तमान प्रारूप में कई व्यावहारिक और नीतिगत कमियां हैं, जो विभिन्न पिछड़ों, दलितों और वंचित वर्गों के सटीक आंकड़ों को सामने आने से रोक सकती हैं।
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राजनीतिक घेराबंदी: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार एक व्यापक, पारदर्शी और सर्वसमावेशी जातिगत जनगणना का खाका नहीं लाती, तब तक विपक्ष इस विषय पर जनता की आवाज उठाता रहेगा।
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ताओं ने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सरकार संविधान की सीमाओं और राष्ट्रीय अखंडता को ध्यान में रखते हुए ही नीतियां तय कर रही है, जबकि विपक्ष केवल राजनीतिक तुष्टिकरण और चुनाव को ध्यान में रखकर बयानबाजी कर रहा है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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