‘दलितों पर भेदभाव संविधान के खिलाफ’: राहुल
‘दलित जितना सफल, उस पर उतना ही हमला’: बीजेपी-आरएसएस पर बरसे राहुल गांधी, कहा— ‘संविधान के तहत यह अपराध’
नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर देश में सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया है। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि हमारे देश में एक दलित व्यक्ति जितना अधिक सफल और उच्च पद पर पहुँचता है, उस पर उतनी ही अधिक ताकत के साथ हमला किया जाता है। उन्होंने इसे करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की सच्चाई बताया।
नेता प्रतिपक्ष ने गिनाए भेदभाव के उदाहरण राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कई प्रमुख घटनाओं का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया:
-
टीकाराम जूली का मामला: राजस्थान कांग्रेस विधायक दल (CLP) के नेता टीकाराम जूली जब मंदिर दर्शन के लिए जाते हैं, तो बीजेपी के नेता उसके बाद मंदिर का ‘शुद्धिकरण’ करवाते हैं।
-
मल्लिकार्जुन खरगे का मामला: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जब हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित करने जाते हैं, तो वहां भी शुद्धिकरण की प्रक्रिया की जाती है।
-
जीतन राम मांझी का संदर्भ: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के मंदिर जाने पर भी इसी प्रकार से शुद्धिकरण कराया गया था।
‘संविधान के तहत यह एक गंभीर अपराध’ नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस के लोगों द्वारा इस प्रकार का आचरण सीधे तौर पर भारत के संविधान की मूल आत्मा पर प्रहार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश का संविधान हर नागरिक को समानता और सम्मान का अधिकार देता है और जाति के आधार पर किसी भी तरह का भेदभाव या ‘शुद्धिकरण’ करना भारतीय कानून व संविधान के तहत एक दंडनीय अपराध है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

