बरेली में पक्षी कारोबार पर रोक की मांग
बरेली: ‘पक्षियों को पिंजरे में नहीं, आसमान में होना चाहिए’; अवैध पक्षी कारोबार पर रोक लगाने के लिए मुस्लिम मजलिस ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
(बरेली): उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में पक्षियों के अवैध शिकार और उनकी खुलेआम हो रही खरीद-फरोख्त के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के संगठन मंत्री मुख्तियार अंसारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। मजलिस पार्टी ने मांग की है कि बेजुबान पक्षियों को पिंजरों में कैद कर बेचने वाले व्यापारियों और इस पूरे अवैध कारोबार पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
“पक्षियों को आजाद किया जाए, न कि उनकी नुमाइश और बिक्री हो”
जिलाधिकारी के माध्यम से शासन-प्रशासन को भेजे गए इस ज्ञापन में ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी के संगठन मंत्री मुख्तियार अंसारी ने बेजुबान पक्षियों के प्रति हो रही क्रूरता पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा:
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प्राकृतिक स्वतंत्रता का हनन: पक्षी प्रकृति की सुंदर रचना हैं और आसमान में उड़ना उनका मौलिक अधिकार है। चंद रुपयों के मुनाफे के लिए दबंग और अवैध कारोबारी इन्हें जंगलों से पकड़कर पिंजरों में कैद कर रहे हैं, जो पूरी तरह से अमानवीय और गैर-कानूनी है।
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तत्काल रिहाई की मांग: उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वर्तमान में बरेली के विभिन्न बाजारों या मेलों में चोरी-छिपे बेचे जा रहे सभी पक्षियों को व्यापारियों के चंगुल से मुक्त कराया जाए और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत खुले आसमान में आजाद किया जाए।
बाजारों में सक्रिय तस्करों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
पार्टी पदाधिकारियों का आरोप है कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ स्थानीय बाजारों में प्रतिबंधित और दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों को ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धज्जियां उड़ाकर चल रहे इस काले कारोबार पर स्थानीय स्तर पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है।
“मुस्लिम मजलिस पार्टी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि प्रशासन ने इन पक्षी तस्करों और दुकानदारों पर जल्द ही छापेमारी कर सख्त कानूनी शिकंजा नहीं कसा, तो पार्टी बेजुबानों के हक और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगी।”
प्रशासन ने दिया जांच और कार्रवाई का भरोसा
कलेक्ट्रेट में ज्ञापन लेने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मजलिस पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि इस मामले को वन विभाग (Forest Department) और स्थानीय पुलिस के संज्ञान में डाला जा रहा है। वन्य जीवों और पक्षियों के अवैध व्यापार में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही संदिग्ध ठिकानों पर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
बरेली से अमरजीत
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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