बरेली में मुठभेड़ के बाद बच्चा बरामद
बरेली: मनौना श्याम मंदिर से अगवा मासूम ऋषभ सकुशल बरामद; पुलिस मुठभेड़ में दो अपहरणकर्ताओं के पैर में लगी गोली
(बरेली): उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में पुलिस को एक बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हाथ लगी है। आंवला क्षेत्र के सुप्रसिद्ध मनौना श्याम मंदिर से रविवार दोपहर अगवा किए गए डेढ़ वर्षीय मासूम ऋषभ को पुलिस ने मंगलवार आधी रात को एक दुस्साहसिक मुठभेड़ के बाद सकुशल बरामद कर लिया है। इस जवाबी फायरिंग में दोनों शातिर अपहरणकर्ताओं के पैर में गोली लगी है, जबकि पुलिस टीम का एक दीवान भी घायल हुआ है। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसके सिर की मामूली चोट पर पट्टी की गई है।
सीसीटीवी फुटेज से खुला था सुराग, 5 टीमें थीं तैनात
पुलिस प्रशासन इस संवेदनशील मामले को लेकर शुरुआत से ही अलर्ट मोड पर था:
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सफाईकर्मी का बेटा था ऋषभ: मनौना श्याम मंदिर परिसर में कार्यरत सफाईकर्मी रमन का डेढ़ वर्षीय बेटा ऋषभ रविवार को अचानक लापता हो गया था, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था।
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फुटेज से मिली लोकेशन: मंदिर परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की सघन जांच में दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए थे। इसके बाद पुलिस की पांच अलग-अलग टीमें लगातार अपराधियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं।
अलीगंज रोड हुलासी फाटक के पास हुई मुठभेड़
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने एनकाउंटर और बरामदगी की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया:
“मंगलवार देर रात मुखबिर से सूचना मिली कि एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवक बच्चा लेकर अलीगंज रोड की ओर भाग रहे हैं। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर हुलासी फाटक के पास उन्हें रोकने का प्रयास किया। खुद को चारों तरफ से घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पर सीधी फायरिंग झोंक दी। पुलिस की जवाबी आत्मरक्षार्थ कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी और वे गिर पड़े। इसी बीच बाइक से गिरा बच्चा पुलिस ने तुरंत सुरक्षित अपनी गोद में उठा लिया।”
इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम के दीवान उमेश भी बदमाशों की गोली से घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
नर्सिंग छात्र और वेल्डर निकले बच्चा चोर; 60 हजार की थी डील
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान योगेश कन्नौजिया (निवासी धोपला करीम नगर, गढ़िया रंगीन, शाहजहांपुर) और पवन सिंह (निवासी ककराला, बदायूं) के रूप में हुई है। पूछताछ में उनके प्रोफाइल को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है:
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पढ़े-लिखे अपराधी: मुख्य आरोपी योगेश शाहजहांपुर के एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में एमएससी (M.Sc) नर्सिंग का छात्र है, जबकि उसका साथी पवन जलालाबाद में वेल्डिंग का काम करता है।
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लखीमपुर खीरी के सरगना से जुड़े तार: योगेश की मुलाकात मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान लखीमपुर खीरी के एक बड़े बच्चा चोर सरगना से हुई थी। उसने ही निःसंतान दंपतियों को बच्चे बेचने के एवज में मोटी रकम का लालच दिया था।
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बड़े बच्चे को देखकर सरगना ने लगाई थी डांट: गिरोह के सरगना ने 6 महीने तक के नवजात बच्चे के लिए 60 हजार रुपये की डील तय की थी। जब आरोपियों ने डेढ़ साल के ऋषभ को अगवा किया, तो सरगना ने उन्हें फोन पर डांट लगाई कि बड़ा बच्चा अपने असली माता-पिता को नहीं भूलता और आसानी से पकड़ा जाता है। इसी डर से आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे।
इलाके में पुलिस की सराहना, परिवार ने जताया आभार
पुलिस ने बदमाशों के पास से वारदात में इस्तेमाल बाइक, मोबाइल फोन और कुछ अन्य सामान बरामद किया है। इस गिरोह के मुख्य सरगना को दबोचने के लिए पुलिस की एक विशेष टीम लखीमपुर खीरी के लिए रवाना कर दी गई है। मासूम ऋषभ के सकुशल वापस मिलने पर उसके माता-पिता और पूरे परिवार ने रोते हुए बरेली पुलिस का आभार व्यक्त किया है, वहीं स्थानीय जनता भी पुलिस की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई की सराहना कर रही है।
बरेली से रोहिताश
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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