दिल्ली: CAG रिपोर्ट पर राजनीतिक घमासान
सीएजी रिपोर्ट को लेकर दिल्ली की राजनीति में नया उबाल: पूर्व AAP सरकार पर जनता के पैसों के दुरुपयोग के बड़े आरोप
विशेष दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजनीति ब्यूरो: नई दिल्ली
रिपोर्ट: ऑल Rights मैगज़ीन ब्यूरो
राजधानी दिल्ली की सियासत में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्टों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर बेहद तेज हो गया है। मौजूदा सरकार की ओर से पेश की गई CAG रिपोर्टों के आधार पर पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर सार्वजनिक धन के दुरुपयोग, संसाधनों के दोहन और कुप्रबंधन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
“दस सालों का कुप्रबंधन बनाम डेढ़ साल में एक्शन”
वर्तमान सरकार के प्रवक्ताओं और नेताओं ने कैग रिपोर्टों के हवाले से पूर्व सरकार के कार्यकाल पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा:
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दस वर्षों का दौर: आरोप लगाया गया है कि पिछले 10 वर्षों के दौरान व्यवस्था को दरकिनार कर सार्वजनिक संसाधनों का अनुचित उपयोग किया गया, जिससे दिल्ली विकास के मामलों में पिछड़ती चली गई।
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संवैधानिक संस्था की रिपोर्ट: नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG), जो देश की सर्वोच्च संवैधानिक लेखा परीक्षा संस्था है, द्वारा तैयार की गई रिपोर्टों में बिंदुवार वित्तीय अनियमितताओं को उजागर किया गया है।
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डेढ़ साल में कार्रवाई: दावा किया गया है कि मौजूदा सरकार ने सत्ता में आने के महज डेढ़ साल के भीतर इन लंबित CAG रिपोर्टों को सदन के पटल पर रखा और उन पर त्वरित व निरंतर कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की।
“हर विभाग और क्षेत्र में हुई अनियमितता”
प्रेस कॉन्फ्रेंस और बयानों में इस बात पर जोर दिया गया कि सीएजी की विस्तृत रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया है कि पूर्ववर्ती सरकार ने दिल्ली की जनता के भरोसे और करदाताओं के पैसे के साथ खिलवाड़ किया:
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व्यापक असर: रिपोर्टों के मुताबिक ऐसा कोई भी प्रमुख क्षेत्र या विभाग नहीं बचा, जहाँ वित्तीय नियमों की अनदेखी न की गई हो।
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सख्त जांच की मांग: सरकार ने आश्वस्त किया है कि सीएजी द्वारा चिन्हित किए गए हर एक मुद्दे पर जांच जारी रहेगी और जनता के एक-एक रुपये का हिसाब लिया जाएगा।
फिलहाल, इस राजनीतिक बयानबाजी और सीएजी रिपोर्टों के सामने आने के बाद दिल्ली की राजनीति गरमा गई है, वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित करार दिया है।
राजनीतिक ब्यूरो: नई दिल्ली
ऑल Rights मैगज़ीन (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल

