सिविल लाइंस में निर्माणाधीन भवन से खतरा

निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास मकान की नींव कमजोर, नियम ताक पर; स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की मांग

(बरेली: ब्यूरो रिपोर्ट)

शहर के पॉश इलाके सिविल लाइंस में देर रात निर्माण कार्यों की लापरवाही ने बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चौपला से पटेल चौक जाने वाले मार्ग पर एक निर्माणाधीन भवन के बेसमेंट की खुदाई के दौरान पड़ोस की तीन मंजिला इमारत खतरनाक तरीके से एक ओर झुक गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।


क्या है पूरा मामला?

सिविल लाइंस स्थित रामकुमार सर्राफ वाली गली के मोड़ पर वेद प्रकाश अग्रवाल (पटेल चौक पेट्रोल पंप स्वामी) के प्लॉट पर निर्माण कार्य चल रहा है।

  • खतरनाक खुदाई: बेसमेंट के लिए की जा रही अत्यधिक गहरी खुदाई के कारण बगल में स्थित जोगिंद्र पाल सिंह की तीन मंजिला इमारत की नींव धंस गई।

  • बड़ा हादसा टला: सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। भवन को तुरंत खाली कराया गया और आसपास के क्षेत्र को एहतियातन सील कर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि थोड़ी भी देर होती, तो इमारत गिर सकती थी।

नियमों की अनदेखी और शिकायतों की अनदेखी

भवन स्वामी के पुत्र रविंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि उन्होंने बिल्डर और बीडीए अधिकारियों को संभावित खतरे के बारे में कई बार आगाह किया था, लेकिन उनकी शिकायतों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया।

तकनीकी मानकों का उल्लंघन:

  • न्यूनतम दूरी: नियमों के अनुसार मौजूदा भवन के पास खुदाई करते समय सुरक्षित दूरी (Setback) छोड़ना अनिवार्य है।

  • सुरक्षा उपाय: गहरी खुदाई के दौरान ‘रिटेनिंग वॉल’ (Retaining Wall) और ‘शोरिंग’ जैसे तकनीकी सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किया गया।

बीडीए की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

इस घटना ने शहर में हो रहे निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है:

  1. क्या निर्माण शुरू होने से पहले तकनीकी मानकों की जांच की गई थी?

  2. क्या बीडीए की टीम ने मौके पर नियमित निरीक्षण किया?

  3. बार-बार शिकायत के बाद भी बिल्डर पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

जांच और कार्रवाई की तैयारी

प्रशासन ने फिलहाल निर्माण कार्य को रुकवा कर मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। स्वीकृत मानचित्र (Map) और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना बरेली में बिल्डर लॉबी और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत की ओर इशारा करती है। अब देखना यह है कि बीडीए इस मामले में केवल दिखावे की कार्रवाई करता है या जिम्मेदारों पर सख्त चाबुक चलाता है।


बरेली से रोहिताश कुमार भास्कर

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

 सीनियर एडिटर (Allrights Magazin)


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