SAS की पहली फ्लाइट बीच रास्ते से लौटी

17 साल बाद भारत आ रही SAS की पहली फ्लाइट 4 घंटे बाद लौटी वापस, रेगुलेटरी क्लीयरेंस में फंसा पेच

(मुंबई): स्कैंडिनेवियाई एयरलाइंस (SAS) की भारत वापसी का इंतजार कर रहे यात्रियों को उस समय बड़ा झटका लगा, जब 17 साल के लंबे अंतराल के बाद भारत आ रही पहली फ्लाइट को तकनीकी और नियामक कारणों से बीच हवा से ही वापस लौटना पड़ा [cite: SAS एयरलाइन की 17 साल बाद भारत के लिए पहली उड़ान, कोपेनहेगन से मुंबई आ रही SK969, नियामक मंजूरी न मिलने के कारण बीच रास्ते से वापस लौट गई। 17 साल के लंबे अंतराल के बाद स्कैंडिनेवियाई एयरलाइन SAS ने भारत के लिए अपनी उड़ानें फिर से शुरू कीं।]. इस घटना से एविएशन सेक्टर और यात्रियों के बीच काफी मायूसी देखी जा रही है।

कोपेनहेगन से मुंबई आ रही थी फ्लाइट SK969

स्कैंडिनेवियाई एयरलाइन SAS ने भारतीय विमानन बाजार में अपनी सेवाएं फिर से बहाल करने के लिए इस ऐतिहासिक उड़ान की शुरुआत की थी:

  • बीच रास्ते से मुड़ा विमान: कोपेनहेगन (डेनमार्क) से मुंबई के लिए रवाना हुई उड़ान संख्या SK969 ने उड़ान तो भरी, लेकिन उड़ान भरने के करीब 4 घंटे बाद ही इसे वापस लौटने का निर्देश मिल गया.

  • मुंबई में लैंडिंग की थी तैयारी: निर्धारित शिड्यूल के मुताबिक, बुधवार तड़के इस फ्लाइट को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड करना था, लेकिन भारत पहुंचने से पहले ही सफर अधूरा रह गया [cite: बुधवार तड़के इस फ्लाइट को मुंबई में उतरना था, लेकिन कुछ रेगुलेटरी मंजूरी लंबित होने के कारण इस पहले उड़ान को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा].

नियामक मंजूरी (Regulatory Clearance) में फंसा पेच

विमान को बीच रास्ते से वापस बुलाने के पीछे प्रशासनिक और कानूनी कारण बताए जा रहे हैं:

  • अधूरी रह गईं मंजूरियां: विमानन सूत्रों के अनुसार, भारत में लैंडिंग और हवाई क्षेत्र के उपयोग को लेकर कुछ जरूरी नियामक मंजूरियां (Regulatory Approvals) अंतिम समय तक लंबित रह गईं [cite: SAS एयरलाइन की 17 साल बाद भारत के लिए पहली उड़ान, कोपेनहेगन से मुंबई आ रही SK969, नियामक मंजूरी न मिलने के कारण बीच रास्ते से वापस लौट गई। …, लेकिन कुछ रेगुलेटरी मंजूरी लंबित होने के कारण इस पहले उड़ान को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा].

  • सुरक्षा और नियमों का पालन: उचित और पूर्ण क्लीयरेंस न होने के कारण एयरलाइन प्रबंधन और विमानन नियामकों ने जोखिम न लेते हुए विमान को बीच रास्ते से ही वापस कोपेनहेगन बुलाने का फैसला किया.

SAS एयरलाइन की ओर से अब लंबित कागजी कार्रवाई और मंजूरियों को जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि 17 साल बाद शुरू हो रही इस महत्वपूर्ण हवाई सेवा को बिना किसी बाधा के दोबारा संचालित किया जा सके [cite: 17 साल के लंबे अंतराल के बाद स्कैंडिनेवियाई एयरलाइन SAS ने भारत के लिए अपनी उड़ानें फिर से शुरू कीं।


(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


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