CWG 2026: नीरज़ को हराने वाला क्रिकेटर
CWG 2026: जेवलिन थ्रोअर से नहीं बल्कि एक पूर्व क्रिकेटर से हारे नीरज चोपड़ा; जानिए श्रीलंकाई एथलीट रुमेश पाथिरागे की दिलचस्प कहानी
ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (CWG 2026) के भाला फेंक (Javelin Throw) स्पर्धा में भारत के दोहरे ओलंपिक पदक विजेता और स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) को पछाड़कर स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतने वाले श्रीलंकाई खिलाड़ी रुमेश थरांगा पाथिरागे (Rumesh Pathirage) की कहानी बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक है।
जहाँ पूरा देश और दुनिया यह उम्मीद लगाए बैठी थी कि नीरज़ चोपड़ा एक बार फिर कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए गोल्ड जीतेंगे, वहीं 23 वर्षीय रुमेश पाथिरागे ने 89.75 मीटर का विशाल थ्रो फेंककर सोने का तमगा अपने नाम कर लिया। इस मुकाबले में नीरज़ चोपड़ा ने 85.83 मीटर थ्रो के साथ रजत (Silver) और भारत के ही यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर के साथ कांस्य पदक (Bronze) अपने नाम किया।
कभी तेज गेंदबाज थे रुमेश: 134 किमी/घंटा की रफ्तार से फेंकते थे गेंद
रुमेश पाथिरागे कोई बचपन से जेवलिन थ्रोअर नहीं थे, बल्कि वह एक पेशेवर क्रिकेटर बनने का सपना देख रहे थे:
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फास्ट बॉलर के रूप में करियर: रुमेश अपने टीनेज (किशोरावस्था) के दिनों में एक राइट-आर्म मीडियम पेसर (तेज गेंदबाज) थे। वह अंडर-18 स्तर पर 130 से 134 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी किया करते थे।
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कोच टोनी प्रसन्न ने बदली जिंदगी: रुमेश के क्रिकेट से जेवलिन थ्रोअर बनने के पीछे उनके कोच टोनी प्रसन्न (Tony Prasanna) का हाथ था। उन्होंने रुमेश के कंधे की ताकत, नेचुरल स्पीड और हाथों के मूवमेंट को पहचानकर उन्हें क्रिकेट की गेंद की जगह ‘भाला’ (Javelin) थमाने का फैसला किया।
क्रिकेट की स्पीड बनी जेवलिन की ताकत
फास्ट बॉलिंग करते समय बनने वाली बॉडी मोमेंटम और कंधे की ताकत ने रुमेश को भाला फेंक में बहुत तेजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई:
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89.75 मीटर का रिकॉर्ड थ्रो: ग्लासगो में खेले गए फाइनल मुकाबले में विपरीत मौसम और तेज हवाओं के बीच रुमेश ने अपने करियर का ऐतिहासिक थ्रो 89.75 मीटर फेंका।
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श्रीलंका के लिए ऐतिहासिक पल: 2006 के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में श्रीलंका के लिए यह पहला स्वर्ण पदक है। इसके अलावा एथलेटिक्स में श्रीलंका को मिला यह अब तक का पहला जेवलिन गोल्ड मेडल है।
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दिग्गजों को पछाड़ा: रुमेश ने इस मुकाबले में न केवल नीरज़ चोपड़ा को, बल्कि पेरिस ओलंपिक 2024 के स्वर्ण पदक विजेता अरशद नदीम (पाकिस्तान) और पूर्व विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स जैसे बड़े दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया।
नीरज़ चोपड़ा ने भी की तारीफ
समारोह के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए नीरज़ चोपड़ा ने रुमेश पाथिरागे की जमकर तारीफ की। नीरज़ ने कहा, “रुमेश मेरा एक अच्छा दोस्त है और इस सीजन में उसने शानदार प्रदर्शन किया है। यह बेहद खुशी की बात है कि वह श्रीलंका के लिए इतना बेहतरीन काम कर रहा है।”
एक क्रिकेटर से भाला फेंक का ‘कॉमनवेल्थ चैंपियन’ बनने तक की रुमेश पाथिरागे की यह यात्रा खेल जगत के लिए एक अनूठी और प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।
- सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
रिपोर्ट: विशेष जांच एवं क्राइम ब्यूरो, ऑल राइट्स मैगजीन, लक्ष्मी नगर, दिल्ली

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