DUSU चुनाव: 18 सितंबर को वोट से जवाब देंगे छात्र
“18 सितंबर को छात्र अपने वोट से देंगे जवाब”: DUSU चुनाव को लेकर ABVP-BJP के खिलाफ वामपंथी और विपक्षी छात्र संगठनों ने कसा तंज
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) छात्र संघ चुनाव (DUSU Elections 2026) का रण अब अपने चरम पर पहुंच गया है। 18 सितंबर को होने जा रहे मतदान को लेकर कैंपस में राजनीतिक सरगर्मी अभूतपूर्व रूप से बढ़ गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और बीजेपी की नीतियों के खिलाफ एकजुट हुए विपक्षी छात्र संगठनों और आम विद्यार्थियों का कहना है कि 18 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय का हर एक छात्र अपने वोट की ताकत से एबीवीपी और सत्ताधारी विचारधारा को करारा जवाब देगा।
कैंपस में बुनियादी सुविधाओं की कमी, हॉस्टल संकट, फीस वृद्धि और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों में भारी असंतोष देखा जा रहा है।
18 सितंबर का चुनाव क्यों बना ‘जवाब देने का दिन’?
विरोधी छात्र संगठनों और एनएसयूआई (NSUI) के प्रतिनिधियों का दावा है कि पिछले कार्यकालों में छात्र हितों की अनदेखी का हिसाब लेने के लिए छात्र मतदान का इंतजार कर रहे हैं:
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हॉस्टल और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी: नॉर्थ व साउथ कैंपस में 10,000 से अधिक बाहरी विद्यार्थियों के लिए किफायती सरकारी हॉस्टल का न बनना और निजी पीजी के शोषण पर नकेल न कस पाना बड़ा मुद्दा बन चुका है।
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फीस वृद्धि और व्यवसायीकरण: विभिन्न पाठ्यक्रमों में लगातार हो रही फीस बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध जताने के लिए 18 सितंबर को छात्र अपना लोकतांत्रिक अधिकार इस्तेमाल करेंगे।
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सुरक्षा और लोकतांत्रिक माहौल: कैंपस में हिंसा मुक्त, समावेशी और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण की बहाली के लिए छात्र बदलाव के पक्ष में वोट देने की बात कह रहे हैं।
ABVP बनाम विपक्षी गठबंधन: कांटे की टक्कर
जहां एक ओर ABVP अपने पिछले विकास कार्यों और राष्ट्रवादी एजेंडे के दम पर दोबारा जीत का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर NSUI और वामपंथी छात्र संगठन एकजुट होकर विकल्प पेश कर रहे हैं:
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छात्र शक्ति ही सर्वोपरि: प्रचार के अंतिम चरण में सभी उम्मीदवारों ने हॉस्टल-टू-हॉस्टल और कॉलेज-टू-कॉलेज जनसंपर्क में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
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18 सितंबर को फैसला: 18 सितंबर को होने वाला यह मतदान तय करेगा कि देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति किस दिशा में जाएगी।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी युवा मतदाताओं से अपील करती है कि वे 18 सितंबर को अपने मत का प्रयोग शांतिपूर्ण और विवेकपूर्ण तरीके से करें।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)
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