चंडीगढ़ में लागू होगा तमिलनाडु फॉर्मूला
चंडीगढ़ में फाइलों का झंझट खत्म! अब एक ही छत के नीचे होंगे सारे काम, प्रशासन लागू करने जा रहा है तमिलनाडु का फॉर्मूला
(चंडीगढ़): चंडीगढ़ के निवासियों के लिए प्रशासनिक कामकाज और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के झंझट से मुक्ति मिलने वाली है। चंडीगढ़ प्रशासन ने नागरिक सेवाओं (सिटिजन सर्विसेज) को अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा और सुधारात्मक कदम उठाया है। प्रशासन अब सरकारी फाइलों और दफ्तरों की लेत-लतीफी को खत्म कर ‘एक ही छत के नीचे सारे काम’ की तर्ज पर काम करने की तैयारी में है, जिसके लिए तमिलनाडु सरकार का एक बेहद सफल फॉर्मूला केंद्र शासित प्रदेश में लागू किया जाएगा।
नागरिक सेवाओं को सुगम बनाने के लिए उच्चस्तरीय कमेटी का गठन
प्रशासनिक सुधारों को गति देने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा एक विशेष उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है।
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तमिलनाडु के मॉडल का अध्ययन: यह नवगठित कमेटी तमिलनाडु सरकार के मशहूर ‘सिंपल गव’ (Simple Gov) मॉडल का बारीकी से अध्ययन करेगी।
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एक ही छत के नीचे समाधान: इस मॉडल की खूबियों और कार्यप्रणाली को समझकर इसे चंडीगढ़ की भौगोलिक और प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप ढाला जाएगा, ताकि आम जनता को अलग-अलग विभागों के चक्कर न काटने पड़ें।
एकीकृत पोर्टल (Integrated Portal) से बदलेगी सरकारी व्यवस्था
तमिलनाडु के फॉर्मूले के तहत चंडीगढ़ में एक मजबूत और अत्याधुनिक एकीकृत डिजिटल पोर्टल विकसित करने की योजना है। इस एकल खिड़की (सिंगल विंडो) पोर्टल के माध्यम से:
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आम नागरिकों को मिलने वाली सभी बुनियादी और प्रशासनिक सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन उपलब्ध होंगी।
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फाइलों का भौतिक रूप से एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर जाना बंद होगा, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और समय की भारी बचत होगी।
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कार्यों की मॉनिटरिंग रीयल-टाइम बेसिस पर की जा सकेगी, जिससे सरकारी तंत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
प्रशासन का मानना है कि इस ‘सिंपल गव’ मॉडल के पूरी तरह लागू होने के बाद चंडीगढ़ के लोगों को जाति प्रमाण पत्र, डोमिसाइल, एनओसी या किसी भी अन्य लाइसेंस व प्रशासनिक अनुमति के लिए दफ्तरों के बाबू और फाइलों के झंझट से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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