शेखपुरा डीएम की अफसरों को सख्त चेतावनी

शेखपुरा डीएम की सख्ती: लंबित मामले 2 सप्ताह में निपटाएं, लापरवाही पर दी चेतावनी

शेखपुरा (बिहार): जिला पदाधिकारी श्री शेखर आनंद की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में एक उच्च स्तरीय साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के विकास कार्यों, जनसमस्याओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।

बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि विभिन्न स्तरों पर लंबित पड़े सभी आवेदनों का अगले 2 सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निष्पादन (निपटारा) सुनिश्चित किया जाए।

समीक्षा बैठक के मुख्य निर्देश और फैसले

डीएम शेखर आनंद ने जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विभागों की समीक्षा करते हुए समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए:

1. पेयजल एवं जन शिकायत निवारण

  • निर्बाध पेयजल आपूर्ति: अरियरी और चेवाड़ा प्रखंड में आम जनता को बिना किसी बाधा के स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

  • पोर्टल के आवेदनों का निपटारा: ‘जनसमाधान पोर्टल’ और ‘सहयोग पोर्टल’ पर दर्ज आम जनता के लंबित आवेदनों को हर हाल में 2 सप्ताह के भीतर निपटाने का निर्देश दिया गया।

2. समाज कल्याण, स्वास्थ्य एवं दिव्यांगजन कल्याण

  • पेंशन और आंगनवाड़ी: पेंशन के पात्र लाभुकों के लंबित आवेदनों की त्वरित जांच कर निष्पादन करने को कहा गया। इसके साथ ही PHED के कार्यपालक अभियंता को सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में शौचालय और पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

  • UDID कार्ड और टीबी मुक्ति: सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि दिव्यांगजनों के यूडीआईडी (UDID) कार्ड के लंबित आवेदनों को 2 सप्ताह के भीतर निपटाया जाए। साथ ही जिले को पूरी तरह टीबी (TB) मुक्त बनाने के अभियान में तेजी लाने को कहा गया।

3. राजस्व, बुनियादी ढांचा और जल संरक्षण

  • भूमि सुधार कार्य: म्यूटेशन (दाखिल- खारिज), परिमार्जन, लगान वसूली और जमाबंदी जैसे राजस्व कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। सभी अंचलों में अनाज भंडारण गोडाउन (गोदाम) के लिए भूमि चिन्हित करने को कहा गया।

  • भवन निर्माण: पंचायत सरकार भवन और कन्या विवाह मंडप के निर्माण में तेजी लाने के साथ ही ‘अभियान बसेरा’ के तहत योग्य भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए गए।

  • रेन वाटर हार्वेस्टिंग: जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जिले में बनने वाले सभी नए सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) प्रणाली को अनिवार्य कर दिया गया है।

4. संवेदनशील और उच्च प्राथमिकता वाले मामले

  • मुख्यमंत्री जनता दरबार, सीएम डैशबोर्ड, CPGRAMS, उच्च न्यायालय और CWJC से संबंधित जितने भी लंबित मामले हैं, उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की सख्त हिदायत दी गई।

5. सोलर लाइट और सूर्य घर योजना पर जोर

  • जिले की सभी पंचायतों को सोलर स्ट्रीट लाइट से आच्छादित करने का काम तेज करने को कहा गया।

  • ‘प्रोजेक्ट स्व’ अभियान के तहत तेजी से प्रमाण पत्र बनवाने और अधिक से अधिक योग्य लाभुकों को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त (DDC), सिविल सर्जन, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR), जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) सहित जिले के सभी जिला एवं प्रखंड स्तरीय आला अधिकारी मौजूद थे।


रिपोर्ट: उमेश कुमार, पत्रकार (शेखपुरा)

  1. (गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
  2.  (एडिटर (Allrights Magazine)

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