बरेली बिजली कटौती पर चीफ इंजीनियर का बयान
बरेली: अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज पर भड़के उपभोक्ता; चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश ने दी सफाई, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
(बरेली): उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद समेत पूरे रुहेलखंड क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी और तपिश का प्रकोप जारी है। इस कड़कती धूप और उमस के बीच शहर से लेकर देहात तक हो रही अघोषित बिजली कटौती (Unscheduled Power Cuts) और लो-वोल्टेज (Low Voltage) की समस्या ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। बार-बार ट्रिपिंग और अघोषित कटौती को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा चरम पर है। इस पूरे मुद्दे और जनता की बढ़ती नाराजगी पर बिजली विभाग के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) ज्ञान प्रकाश ने अपनी बात रखी है और कटौती के पीछे की तकनीकी वजहें बताई हैं।
चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश ने बिजली कटौती पर क्या कहा?
बिजली संकट और अघोषित कटौती को लेकर जब चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश से सवाल किया गया, तो उन्होंने विभाग का पक्ष रखते हुए मुख्य रूप से निम्नलिखित बातें कहीं:
-
ओवरलोडिंग और अत्यधिक मांग: चीफ इंजीनियर ने बताया कि इस समय गर्मी अपने रिकॉर्ड स्तर पर है, जिसके कारण हर घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में एसी (AC), कूलर और रेफ्रिजरेटर का उपभोग अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गया है। मांग और आपूर्ति के बीच इस भारी अंतर के चलते ट्रांसफार्मरों और फीडरों पर अत्यधिक लोड (ओवरलोडिंग) आ रहा है।
-
तकनीकी खामियां और ट्रिपिंग: उन्होंने सफाई दी कि विभाग की ओर से कोई जानबूझकर कटौती नहीं की जा रही है। अत्यधिक लोड के कारण तार टूटने, अंडरग्राउंड केबल डैमेज होने और ट्रांसफार्मर फूंकने जैसी तकनीकी दिक्कतें (Technical Faults) आ रही हैं। सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए कई बार ऑटोमैटिक ट्रिपिंग होती है, जिसे ठीक करने में लाइनों को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ता है।
-
टीम मुस्तैद, जल्द सुधार का दावा: मुख्य अभियंता ने उपभोक्ताओं से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि बिजली विभाग की तकनीकी टीमें और उपकेंद्रों के कर्मचारी 24 घंटे अलर्ट पर हैं। जहां भी फॉल्ट या ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना मिल रही है, वहां युद्धस्तर पर काम करके बिजली व्यवस्था को बहाल किया जा रहा है। आने वाले दिनों में स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में कर लिया जाएगा।
जमीनी हकीकत: उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश
चीफ इंजीनियर के इन दावों और सफाई के उलट, बरेली के स्थानीय नागरिकों और उपभोक्ताओं का अनुभव बेहद कड़वा है। सोशल मीडिया से लेकर सब-स्टेशनों तक लोग अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं:
-
बिना शेड्यूल के घंटों कटौती: उपभोक्ताओं का आरोप है कि रात के समय जब आराम की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब 3 से 4 घंटे की अघोषित कटौती कर दी जाती है।
-
लो-वोल्टेज की मार: कई इलाकों में बिजली आने के बावजूद वोल्टेज इतना कम होता है कि कूलर और पानी की मोटर चलना तो दूर, पंखे भी रेंगते नजर आते हैं। इससे न सिर्फ उमस से बेहाली बढ़ रही है, बल्कि घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी फुंक रहे हैं।
कमेंट में अपनी राय जरूर दीजिए: क्या आप इनकी बात से सहमत हैं?
मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने बिजली कटौती के लिए भीषण गर्मी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़े लोड को जिम्मेदार ठहराया है। अब बारी आपकी है!
-
क्या आपके इलाके में भी हो रही है अघोषित बिजली कटौती?
-
क्या बिजली विभाग के अधिकारियों के इस तर्क और दावों से आप सहमत हैं, या आपको लगता है कि यह विभाग की लापरवाही और खराब प्रबंधन का नतीजा है?
नीचे कमेंट बॉक्स में अपने क्षेत्र (मोहल्ले/गांव) के नाम के साथ अपनी राय और बिजली की स्थिति हमारे साथ जरूर साझा करें!
(ब्यूरो रिपोर्ट) अमरजीत बरेली
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

बरेली में यूपी व्यापार मंडल का महासमागम!
