बोलो राधे राधे: भक्ति की दिव्य धुन
आस्था की नई परिभाषा लिखेगी फिल्म “बोलो राधे राधे”, स्वामी रसराज कृष्णदास की आवाज़ बिखेरेगी भक्ति का जादू
भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक चेतना के अनूठे संगम के रूप में चर्चित आगामी हिंदी फिल्म “बोलो राधे राधे” इन दिनों दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस फिल्म ने अपनी आध्यात्मिक गहराई को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रख्यात संत एवं भक्ति गायक स्वामी रसराज कृष्णदास को अपने साथ जोड़ा है।
भक्ति और संगीत का दिव्य मेल
फिल्म “बोलो राधे राधे” में स्वामी रसराज कृष्णदास की उपस्थिति इसे एक साधारण सिनेमाई अनुभव से ऊपर उठाकर आध्यात्मिक समर्पण की श्रेणी में ले जाती है:
दिव्य स्वर: स्वामी रसराज कृष्णदास की साधनापूर्ण आवाज़ फिल्म के संगीत को जीवंत और गहरा बनाती है.
आध्यात्मिक जुड़ाव: यह सहयोग फिल्म के मूल भाव—भक्ति, सेवा और सनातन मूल्यों को अधिक प्रामाणिकता प्रदान करता है, जिससे दर्शक सीधे राधा-कृष्ण की भक्ति का अनुभव कर सकेंगे.

अनुभवी टीम का अनूठा प्रयास
फिल्म को भव्य और भावनात्मक बनाने के लिए उद्योग के अनुभवी नाम एक साथ आए हैं:
संगीत निर्देशन: फिल्म का संगीत मन्न मिश्रा द्वारा तैयार किया जा रहा है, जो पारंपरिक भक्ति रस को आधुनिक सिनेमाई शैली में पिरो रहे हैं.
लेखन और निर्देशन: फिल्म का लेखन और निर्देशन रवि भाटिया ने किया है, जिन्होंने गीतों के बोल भी स्वयं लिखे हैं ताकि शब्द कहानी के साथ गहराई से जुड़ सकें.
निर्माण: रेव मीडिया वन के बैनर तले इस फिल्म का निर्माण हृदय भाटिया और विजय कुमार टिब्रेवाल द्वारा किया जा रहा है
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महज़ फिल्म नहीं, एक आध्यात्मिक अनुभव
निर्माण टीम का मानना है कि “बोलो राधे राधे” केवल एक कहानी नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा होगी। यह फिल्म दर्शकों को आस्था, एकता और भक्ति की दिव्यता में डुबोते हुए सनातन मूल्यों के संदेश से जोड़ेगी ।
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अनिल बेदाग - गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
- सीनियर एडिटर (Allrights Magazin)

