Triple T से भ्रष्टाचार मुक्त होगा बिहार
‘Triple T’ से बनेगा भ्रष्टाचार मुक्त बिहार: CM सम्राट चौधरी का ऐलान, हर जिले में खुलेगा निगरानी थाना
पटना: बिहार को पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त बनाने और सुशासन की व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने एक महा-अभियान का शंखनाद कर दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना के ज्ञान भवन में ‘बिहार सतर्कता जागरूकता दिवस’ का भव्य शुभारंभ करते हुए घोषणा की कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति लागू रहेगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बिहार को भ्रष्टाचार की विभीषिका से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार ‘Triple T’ यानी Transparency (पारदर्शिता), Technology (तकनीक) और Trust (भरोसा) के मूल मंत्र पर काम करेगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 6 बड़े और ऐतिहासिक ऐलान:
ज्ञान भवन के मंच से मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचारियों की रीढ़ तोड़ने और जांच एजेंसियों को मजबूत करने के लिए 6 बड़े नीतिगत फैसलों की घोषणा की:
-
हर जिले में निगरानी थाना: राज्य के सभी जिलों में अब स्वतंत्र ‘निगरानी थाना’ (Vigilance Police Station) खोला जाएगा। इसके साथ ही प्रशासनिक मजबूती के लिए सभी अनुमंडलों (Sub-divisions) में ‘निगरानी ओपी’ (Outpost) स्थापित की जाएगी।
-
स्पेशल विजिलेंस कोर्ट: भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामलों की त्वरित सुनवाई और दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए बिहार के सभी 9 प्रमंडलों (Divisions) में विशेष निगरानी न्यायालयों की स्थापना होगी।
-
जब्त संपत्ति में खुलेंगे स्कूल: भ्रष्टाचारियों के खिलाफ अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई के तहत, उनकी जो भी काली कमाई और बेनामी संपत्तियां जब्त की जाएंगी, उन परिसरों में बिहार सरकार जनहित के लिए सरकारी स्कूल संचालित करेगी।
-
मंत्री से लेकर अफसर तक नपेंगे: सीएम ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इसमें लिप्त पाए जाने पर मंत्रियों, विधायकों से लेकर शीर्ष अधिकारियों और निचले स्तर के कर्मचारियों पर समान रूप से कड़ी कार्रवाई होगी।
-
गवाहों को मिलेगा परिवहन भत्ता: आपराधिक और आर्थिक अपराध के मामलों में अदालतों में गवाही देने आने वाले सरकारी गवाहों की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखते हुए सरकार अब उन्हें ‘परिवहन भत्ता’ (कन्वेयंस अलाउंस) प्रदान करेगी।
-
ED-CBI जैसी स्मार्ट बनेंगी राज्य की एजेंसियां: मुख्यमंत्री ने आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और निगरानी ब्यूरो को अपनी कार्यप्रणाली इतनी आधुनिक और डिजिटल बनाने को कहा कि आने वाले समय में केंद्रीय जांच एजेंसियों (जैसे ED और CBI) को भी बिहार की विंग से सहयोग लेने की जरूरत पड़े।
‘न्याय के साथ विकास’ और बच्चों में नैतिक मूल्य
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ बिना किसी बिचौलिए या गड़बड़ी के समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, तभी सही मायनों में ‘न्याय के साथ विकास’ का सपना साकार होगा। उन्होंने समाज से ‘शॉर्टकट की संस्कृति’ को छोड़कर ईमानदारी के रास्ते पर चलने की भावुक अपील की। इसके साथ ही, भावी पीढ़ी को जागरूक करने के लिए स्कूलों में विशेष भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास किया जाएगा।
जारी हुआ निगरानी ब्यूरो का नया लोगो
इस गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘निगरानी अन्वेषण ब्यूरो’ के नए आधिकारिक लोगो (Logo) का अनावरण किया और विभाग की ऐतिहासिक उपलब्धियों पर आधारित एक प्रेरणादायक लघु फिल्म भी देखी। कार्यक्रम में मौजूद सभी मंत्रियों, वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने पूर्ण ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करने की ‘सतर्कता शपथ’ ली।
इस अवसर पर गरिमामयी उपस्थिति: ज्ञान भवन के इस मुख्य समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, और निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर सहित राज्य मंत्रिमंडल के कई मंत्री और आला अफसर मौजूद थे। इसके अलावा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार के सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) भी इस अभियान से सीधे जुड़े।
रिपोर्ट: पीयूष कुमार प्रियदर्शी, पटना (बिहार)

