पटना: आयुर्वेद सम्मेलन का स्थापना दिवस
पटना में आयुर्वेद महासम्मेलन का 120वां स्थापना दिवस: 25 रक्तवीरों ने किया रक्तदान, वरिष्ठ वैद्यों का हुआ सम्मान; 56 चिकित्सकों ने ली आजीवन सदस्यता
अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के गौरवशाली 120वें स्थापना दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर बिहार प्रदेश आयुर्वेद सम्मेलन की ओर से रविवार को एक विशाल सामाजिक व चिकित्सीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पटना स्थित ‘मां ब्लड सेंटर’ में आयोजित इस भव्य समारोह के दौरान स्वैच्छिक रक्तदान शिविर (Blood Donation Camp) और निशुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर (Free Medical Camp) लगाया गया। इसके साथ ही संगठन को धरातल पर और अधिक सुदृढ़ व मजबूत बनाने के लिए व्यापक स्तर पर सदस्यता अभियान भी चलाया गया।
25 से अधिक रक्तवीरों ने किया रक्तदान; सैकड़ों मरीजों को मिला निशुल्क परामर्श
स्थापना दिवस को मानवता की सेवा के रूप में मनाते हुए मां ब्लड सेंटर में आयोजित रक्तदान शिविर में युवाओं और चिकित्सकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया:
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रक्तदान महादान: शिविर के दौरान 25 से अधिक उत्साही रक्तवीरों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।
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निशुल्क चिकित्सा: इसके साथ ही आयोजित आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में पटना और आसपास के क्षेत्रों से आए सैकड़ों मरीजों ने अनुभवी वैद्यों से निशुल्क स्वास्थ्य परामर्श लिया और आयुर्वेद की जीवनशैली के बारे में जाना।
चिकित्सीय व शैक्षणिक सेवा के लिए वरिष्ठ वैद्यों का हुआ सम्मान
आयुर्वेद के क्षेत्र में अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले बिहार के कई वरिष्ठ और मूर्धन्य वैद्यों को उनकी विशिष्ट चिकित्सीय एवं शैक्षणिक सेवाओं के लिए मंच पर अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले वरिष्ठ वैद्यों में मुख्य रूप से शामिल रहे:
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वैद्य उमाशंकर चतुर्वेदी (पूर्व प्राचार्य, राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, बेगूसराय)
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वैद्य श्रीभगवान सिंह
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वैद्य देवव्रत नारायण सिंह (पूर्व अधीक्षक, राजकीय आयुर्वेद अस्पताल, पटना)
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वैद्य सुरेश राम (पूर्व जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी, पटना)
इसके साथ ही स्थापना दिवस के इस सेवा कार्यक्रम को सफल बनाने और बेहतर समन्वय के लिए मां ब्लड सेंटर की पूरी प्रबंधन टीम को भी सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में सेंटर के संस्थापक मुकेश हिंसारिया, सचिव संजय तोतला, आलोक अग्रवाल, गोपी तुलस्यान, नरेश अग्रवाल और पंकज लहरुका मुख्य रूप से शामिल रहे।
56 नए आयुर्वेद चिकित्सक बने महासम्मेलन के आजीवन सदस्य
संगठन के विस्तार और आयुर्वेद की विधा को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ इस कार्यक्रम में भारी संख्या में युवा डॉक्टर शामिल हुए। बिहार के विभिन्न जनपदों से चलकर आए 56 योग्य आयुर्वेद चिकित्सकों ने पूरी निष्ठा के साथ अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन की आजीवन सदस्यता (Life Membership) ग्रहण की।
इस पूरे गरिमामयी कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार प्रदेश आयुर्वेद सम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष वैद्य अरुण कुमार ने की। कार्यक्रम के समापन पर अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वैद्य धनंजय शर्मा ने सभी आगंतुकों, चिकित्सकों और रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस विशेष अवसर पर संगठन के महामंत्री वैद्य सुबाष चंद्र वर्मा, वैद्य जगन्नाथ ओझा, वैद्य संतोष कुमार सिंह, वैद्य कुमार भास्कर, वैद्य नितिन मुकेश सहित राज्य भर से आए दर्जनों नामचीन चिकित्सक और आयुर्वेद विशेषज्ञ मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
(पटना – नरेश अग्रवाल)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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