भोपाल में बिग कैट एलायंस का प्री-समिट

भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस के ‘प्री-समिट’ का आयोजन; पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया उद्घाटन, सभी बाघ अभ्यारण्यों के पास खुलेंगे वन्यजीव बचाव केंद्र

: अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस (International Day for Biological Diversity) के विशेष अवसर पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। भोपाल स्थित प्रतिष्ठित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM) में अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (IBCA) के ‘प्री-समिट’ का भव्य आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त रूप से किया।

वन विभाग को मिलीं 20 बाइक और रेस्क्यू व्हीकल; चीता प्रोजेक्ट की सराहना

कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर दोनों मुख्य अतिथियों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक आधुनिक और त्वरित बनाने के लिए एक नई शुरुआत की।

  • झंडी दिखाकर किया रवाना: केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने वन विभाग के बेड़े में शामिल की गईं 20 विशेष पेट्रोलिंग बाइक और एक आधुनिक वन्यजीव बचाव वाहन (Rescue Vehicle) को हरी झंडी दिखाकर फील्ड ड्यूटी के लिए रवाना किया।

  • जीडीपी और जैव विविधता का संबंध: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जैव विविधता (Biodiversity) केवल पर्यावरण का विषय नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। उन्होंने एक बेहद महत्वपूर्ण आर्थिक पहलू साझा करते हुए बताया कि भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का आधे से अधिक हिस्सा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हमारी समृद्ध जैव विविधता से ही जुड़ा हुआ है।

  • खाद्य सुरक्षा को खतरा: केंद्रीय मंत्री ने आगाह करते हुए कहा कि यदि वैश्विक स्तर पर जैव विविधता कमजोर होती है या इसे नुकसान पहुंचता है, तो मानव जाति के सामने खाद्य सुरक्षा (Food Security) का एक बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने मध्य प्रदेश में चल रहे ‘चीता प्रोजेक्ट’ की तारीफ करते हुए कहा कि इस परियोजना से देश में जैव विविधता को एक नया संबल और बढ़ावा मिला है।

मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान: बाघ अभ्यारण्यों के पास बनेंगे वन्यजीव बचाव केंद्र

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में वन्यजीवों के संरक्षण और उनके त्वरित उपचार को लेकर एक ऐतिहासिक घोषणा की:

“मध्य प्रदेश के सभी बाघ अभ्यारण्यों (Tiger Reserves) के नजदीकी क्षेत्रों में अत्याधुनिक ‘वन्यजीव बचाव केंद्र’ (Wildlife Rescue Centers) स्थापित किए जाएंगे। अब इन स्थानीय बचाव केंद्रों के बन जाने से बीमार या घायल जानवरों का इलाज उनके प्राकृतिक आवास (Natural Habitat) के पास ही बेहद कम समय में किया जा सकेगा, जिससे वन्यजीवों की जान बचाना आसान होगा।”

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे व्यापक जल संरक्षण प्रयासों और नदी पुनर्जीवन अभियानों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया।

‘भारत की जैव विविधता रिपोर्ट 2026’ का हुआ विमोचन

इस अंतरराष्ट्रीय प्री-समिट के दौरान देश के पर्यावरण और वन्यजीवों की वर्तमान स्थिति को दर्शाने वाले कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों और शोध पत्रों का भी विमोचन किया गया। इनमें सबसे प्रमुख ‘भारत की जैव विविधता रिपोर्ट 2026’ (India’s Biodiversity Report 2026) रही, जो आने वाले समय में नीति निर्माताओं और पर्यावरणविदों के लिए एक मार्गदर्शिका का काम करेगी। कार्यक्रम में देश-विदेश के कई जाने-माने पर्यावरण विशेषज्ञ, वन अधिकारी और वैज्ञानिक शामिल हुए।


(भोपाल – सोनू कुमार)

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

(Allrights Magazine)


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