बिहार में अपराधियों की संपत्ति होगी जब्त
बिहार में अपराध से अर्जित संपत्ति होगी जब्त: 1433 शातिर अपराधी पुलिस के रडार पर; वाहन जांच में वसूला ₹7 करोड़ का जुर्माना
बिहार में अपराध की काली कमाई से अकूत संपत्ति बनाने वाले अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ बिहार पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक चोट करने की तैयारी कर ली है। पुलिस मुख्यालय स्थित सरदार पटेल भवन के सभागार में शुक्रवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अपर पुलिस महानिदेशक (ADG विधि-व्यवस्था) सुधांशु कुमार ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का पूरा खाका पेश किया। उन्होंने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की नई धाराओं के तहत अपराधियों को आर्थिक रूप से पंगु बनाने की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
अपराधियों की संपत्ति होगी कुर्क: 4 पर कोर्ट का आदेश जारी
एडीजी सुधांशु कुमार ने बताया कि गंभीर अपराधों में संलिप्त और अवैध रूप से जमीन, मकान या गाड़ियां खरीदने वाले अपराधियों को चिह्नित किया जा रहा है:
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1433 अपराधी रडार पर: BNSS की धारा-107 के तहत पुलिस ने अब तक राज्य भर में 1,433 ऐसे अपराधियों की पहचान की है, जिन्होंने अपराध के जरिए संपत्ति अर्जित की है।
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428 की संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव कोर्ट में: इनमें से 428 कुख्यात अपराधियों की अवैध संपत्ति को कुर्क व जब्त करने का ठोस प्रस्ताव तैयार कर न्यायालय (कोर्ट) भेजा जा चुका है।
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4 पर आदेश पारित: न्यायालय ने गंभीरता दिखाते हुए 4 बड़े अपराधियों की संपत्ति को जब्त करने का अंतिम आदेश भी पारित कर दिया है, जिस पर जल्द ही प्रशासनिक डंडा चलेगा। इसके अलावा 103 अन्य अपराधियों के खिलाफ जब्ती की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
4.13 लाख लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई; CCA के तहत भी कसेगा शिकंजा
राज्य में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ने निवारक (निरोधात्मक) कार्रवाई का बड़ा रिकॉर्ड बनाया है:
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बॉन्ड भरवाया गया: 1 जनवरी से 15 मई के बीच BNSS की धारा 126 और 135 के तहत 4 लाख 13 हजार 118 लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई, जिसमें से 1 लाख 34 हजार 358 लोगों से भविष्य में अपराध न करने का बांड भरवाया गया है।
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सीसीए (CCA) के तहत कार्रवाई: जिलाधिकारियों (DM) को 676 शातिर अपराधियों पर सीसीए (क्राइम कंट्रोल एक्ट) लगाने का प्रस्ताव भेजा गया था, जिनमें से 252 अपराधियों पर सीसीए का आदेश पारित हो चुका है।
साढ़े 33 हजार से अधिक गिरफ्तार, 70 हजार को दिलाई सजा
बिहार पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अपराधियों को जेल भेजने और उन्हें त्वरित अदालती प्रक्रिया से सजा दिलाने में बड़ी सफलता मिली है:
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गिरफ्तारियां: इस अवधि के दौरान विभिन्न संगीन मामलों में कुल 33,126 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इनमें हत्या के मामलों में 2,023, डकैती में 311, लूट में 573 और एससी-एसटी (SC-ST) अत्याचार अधिनियम के तहत 1,572 आरोपी शामिल हैं।
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दोषसिद्धि (सजा): पुलिस की प्रभावी पैरवी के कारण जनवरी से अप्रैल महीने के भीतर ही 52,567 आपराधिक कांडों का निपटारा करते हुए रिकॉर्ड 70,624 दोषियों को अदालत से सजा दिलाई गई है।
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विशेष कार्रवाई: पुलिस बल पर हमला करने वाले 1,065, सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले 57 और शादियों या आयोजनों में ‘हर्ष फायरिंग’ करने वाले 20 लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई है।
वाहन चेकिंग से सुधरा ट्रैफिक, वसूला ₹7 करोड़ से अधिक जुर्माना
सड़कों पर स्टंटबाजी, बिना कागजात वाहन दौड़ाने और संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया:
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अभियान के तहत कुल 4 लाख 5 हजार 704 वाहनों की सघन जांच की गई।
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यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 48,216 वाहन चालकों से कुल 7 करोड़ 4 लाख 82 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
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इस दौरान बिना वैध कागजात और संदेहास्पद पाए गए 750 वाहनों को जब्त भी किया गया है।
आगामी त्योहारों पर पुलिस का कड़ा पहरा: प्रेस वार्ता के अंत में एडीजी ने बताया कि आगामी त्योहारों— गंगा दशहरा और बकरीद के शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण आयोजन को लेकर पुलिस मुख्यालय पूरी तरह अलर्ट है। सभी संवेदनशील जिलों को विशेष दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल और अधिकारियों की तैनाती की जा रही है।
(पटना – पीयूष कुमार प्रियदर्शी)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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