विवेकानंद हत्याकांड: ED का बड़ा एक्शन
पूर्व मंत्री वाईएस विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड: ED का हैदराबाद और कडापा में बड़ा एक्शन, 24 लाख कैश जब्त
विशेष रिपोर्ट: अनिल बेदाग
हैदराबाद/कडापा: आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के चाचा और कडापा के पूर्व सांसद वाईएस विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। हैदराबाद जोनल ऑफिस की टीमों ने 21 अगस्त 2026 को हैदराबाद और कडापा में कुल 7 ठिकानों पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ताबड़तोड़ छापेमारी की।
24 लाख का कैश और डिजिटल उपकरण जब्त ED की इस तलाशी अभियान के दौरान मुख्य आरोपियों के परिसरों से कई संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, कडापा से YSRCP सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी के ठिकानों से 24 लाख रुपये का अघोषित कैश और 2 लॉकर की चाबियां जब्त की गई हैं।
40 करोड़ रुपये की सुपारी और साजिश का खुलासा यह मामला 15 मार्च 2019 को वाईएस विवेकानंद रेड्डी की उनके आवास पर हुई हत्या से जुड़ा है। सीबीआई (CBI) की चार्जशीट के अनुसार, आरोपी वाईएस अविनाश रेड्डी, उनके पिता वाईएस भास्कर रेड्डी और डी शिवा शंकर रेड्डी ने विवेकानंद रेड्डी के राजनीतिक प्रभाव से घबराकर उनकी हत्या की साजिश रची थी।
मामले में सरकारी गवाह बने शेख दस्तगीरी ने खुलासा किया था कि हत्या के लिए 40 करोड़ रुपये की डील हुई थी। इसमें से दस्तगीरी को 5 करोड़ रुपये का लालच दिया गया था, जिसमें से 1 करोड़ रुपये उसे एडवांस मिले थे। सीबीआई पहले ही आरोपी के लॉकर से 46.70 लाख रुपये कैश और गहने बरामद कर चुकी है। सीबीआई की चार्जशीट को आधार बनाकर अब ED मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामले की आगे की जांच कर रही है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

