बरेली: बीडीए कॉलोनी की दोबारा पैमाइश

बीडीए कॉलोनी विवाद: प्रशासन ने कॉलोनी को माना वैध, अब दोबारा होगी पैमाइश

बरेली: नैनीताल रोड स्थित त्रिवटीनाथ मंदिर क्षेत्र की बीडीए कॉलोनी को लेकर चल रहा विवाद अब समाधान की ओर बढ़ता दिख रहा है। प्रशासन ने शुरुआती जांच में कॉलोनी को वैध मानते हुए पूरे इलाके की दोबारा पैमाइश (Measurement) कराने का बड़ा निर्णय लिया है। इस फैसले से उन 600 परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके मकानों पर नगर निगम ने लाल निशान लगा दिए थे।


अधिकारियों की बैठक में बीडीए ने पेश किए सबूत

नगर निगम परिसर में अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें बीडीए, नगर निगम और राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

  • दस्तावेजी पुष्टि: बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने बैठक में कॉलोनी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत किए।

  • नियम सम्मत विकास: बीडीए की ओर से स्पष्ट किया गया कि इस कॉलोनी का विकास नियमानुसार भूमि अधिग्रहण के बाद किया गया था और इसके नक्शे भी विधिवत स्वीकृत हैं।

विवाद की जड़: 1920 का पुराना नक्शा बनाम वर्तमान स्थिति

पूरा विवाद नगर निगम की सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य से शुरू हुआ था।

  • लाल निशान का डर: निगम ने करीब 600 भवनों पर लाल निशान लगाकर नोटिस जारी कर दिए थे।

  • जनता का विरोध: स्थानीय निवासियों का आरोप था कि नगर निगम कार्रवाई के लिए वर्ष 1920 के पुराने नक्शों का सहारा ले रहा है, जो अब अप्रासंगिक हो चुके हैं। उनका दावा है कि बीडीए द्वारा विकसित यह कॉलोनी पूरी तरह वैध है।

संयुक्त टीम करेगी जमीनी जांच

दस्तावेजों में कॉलोनी के वैध पाए जाने के बाद अब जमीनी हकीकत और रिकॉर्ड के मिलान के लिए संयुक्त जांच का निर्णय लिया गया है।

  1. संयुक्त टीम: बीडीए, तहसील और नगर निगम की एक संयुक्त टीम मौके पर जाकर नए सिरे से पैमाइश करेगी।

  2. स्थानीय लोगों के साथ बैठक: जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन स्थानीय निवासियों के साथ बैठक करेगा और पूरी स्थिति स्पष्ट की जाएगी।

निष्कर्ष: प्रशासन के इस कदम से बीडीए कॉलोनी के निवासियों में छाई अनिश्चितता खत्म होने की उम्मीद जगी है। यदि पैमाइश में सब कुछ सही पाया गया, तो 600 से अधिक मकानों पर मंडरा रहा तोड़फोड़ का खतरा टल जाएगा।

(रोहिताश कुमार भास्कर)

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर(Allrights Magazine)

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