बरेली: 4 दुकानें जमींदोज, भारी फोर्स
Bareilly: शाही में ‘अवैध’ दुकानों पर चला कोर्ट का बुलडोजर; 3 साल की कानूनी जंग के बाद जसवंत को मिली अपनी जमीन
बरेली News: बरेली के थाना शाही क्षेत्र के मकड़ी खोय गांव में बुधवार को कानून का डंडा चला। सिविल न्यायालय के आदेश पर सड़क किनारे अवैध रूप से बनी चार दुकानों को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया। भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई ने इलाके में हड़कंप मचा दिया।
विवाद की जड़: गाटा संख्या 95 पर ‘कब्जा’
मामला जमीन के मालिकाना हक से जुड़ा है। वादी जसवंत का आरोप था कि हैदरगंज निवासी छत्रपाल और लेखराज आदि ने उनकी गाटा संख्या 95 की जमीन पर जबरन कब्जा कर चार दुकानों का निर्माण कर लिया था। अपनी जमीन वापस पाने के लिए जसवंत ने साल 2023 में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
3 साल बाद आया ‘इंसाफ’ का बुलडोजर
तीन साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद कोर्ट ने माना कि दुकानों का निर्माण अवैध तरीके से किया गया है। न्यायालय ने जमीन को कब्जा मुक्त कराकर वादी जसवंत के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए बुधवार को सिविल अमीन राकेश कुमार की टीम लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुँची।
छावनी में तब्दील हुआ मकड़ी खोय गांव
कार्रवाई के दौरान किसी भी विरोध को कुचलने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे:
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भारी फोर्स: शाही, फतेहगंज पश्चिमी, मीरगंज, आंवला और सिरौली सहित 5 थानों की पुलिस मौके पर तैनात रही।
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PAC और LIU: पीएसी की एक प्लाटून और एलआईयू हेड नीलम की मौजूदगी में दुकानों को ढहाने का काम शुरू हुआ।
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निगरानी: शाही थाना प्रभारी राजेश कुमार बैशला अंत तक मौके पर डटे रहे ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
पल भर में मलबे में तब्दील हुईं दुकानें
कोर्ट अमीन की हरी झंडी मिलते ही बुलडोजर ने अपना काम शुरू किया और देखते ही देखते चारों दुकानें मलबे के ढेर में बदल गईं। कार्रवाई पूरी होने के बाद जमीन का कब्जा वास्तविक मालिक जसवंत को सौंप दिया गया।

