बरेली: ₹118 करोड़ का GST फ्रॉड पकड़ा

बरेली साइबर पुलिस और SIT का बड़ा एक्शन: ₹118 करोड़ के GST-ITC फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश, 2 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार

विशेष अपराध एवं साइबर ब्यूरो: बरेली

जनपद बरेली की थाना साइबर क्राइम और एसआईटी (SIT GST) टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए फर्जी व अस्तित्वहीन (Fake/Dummy) फर्मों के माध्यम से करोड़ों रुपये का फर्जी व्यापार दिखाकर जीएसटी (GST) और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) फ्रॉड करने वाले एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के 2 शातिर मास्टरमाइंड्स को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, कूटरचित आधार कार्ड, लैपटॉप और करोड़ों रुपये के चेक बरामद किए हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बरेली श्री अनुराग आर्य के निर्देश पर गठित एसआईटी (नोडल एसपी क्राइम मनीष चन्द्र सोनकर, मुख्य विवेचक संजय कुमार धीर व प्रभारी निरीक्षक धनंन्जय कुमार पाण्डेय) ने तकनीकी जांच और मुखबिर की सटीक सूचना पर 21 जुलाई 2026 को मालगोदाम रोड, रेलवे लाइन के पास से यह सफलता हासिल की।

फर्जी फर्म ‘पीसी इंटरप्राइजेस’ से खुला ₹118 करोड़ के फ्रॉड का राज

  • मुकदमे की शुरुआत: 30 मई 2026 को सहायक आयुक्त राज्य कर (GST) की तहरीर पर थाना साइबर क्राइम बरेली में पीसी इंटरप्राइजेस (सुभाषनगर, बरेली) के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज बनाने और आईटी एक्ट सहित बीएनएस (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं में FIR (क्राइम सं. 30/2026) दर्ज की गई थी।

  • शुरुआती घोटाला: फर्म के प्रोपराइटर ने अन्य फर्जी कंपनियों के साथ मिलकर करीब ₹20 करोड़ का कागजी व्यापार दिखाकर ₹1.28 करोड़ का फर्जी जीएसटी फ्रॉड किया था।

  • तकनीकी जांच में बड़ा खुलासा: जब पुलिस और साइबर टीम ने तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला, तो पता चला कि यह गिरोह देश भर में अस्तित्वहीन फर्मों का जाल बिछाकर लगभग ₹118 करोड़ का फर्जी व्यापार दर्शा चुका है और करोड़ों रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हड़प चुका है।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

पुलिस हिरासत में आए दोनों आरोपी गाजियाबाद और आसपास के इलाकों से गिरोह का संचालन कर रहे थे:

  1. योगेन्द्र शर्मा (उम्र 37 वर्ष): पुत्र ईश्वरचन्द शर्मा, निवासी प्रताप विहार (विजयनगर, गाजियाबाद), मूल निवासी- ग्राम झाझर, जनपद बुलन्दशहर (उप्र)।

  2. टिम्पु (उम्र 29 वर्ष): पुत्र लख्खु अहिरवार, निवासी साहिबाबाद (गाजियाबाद), मूल निवासी- ग्राम कुठरी, जनपद दमोह (मध्य प्रदेश)।

भारी मात्रा में डिजिटल डिवाइस और ₹3.18 करोड़ के साइन किए चेक बरामद

साइबर पुलिस टीम ने अभियुक्तों के कब्जे से निम्नलिखित कूटरचित दस्तावेज और उपकरण बरामद किए हैं:

  • कूटरचित पहचान पत्र (आधार कार्ड): 02 आधार कार्ड (जिसमें योगेन्द्र शर्मा के फोटो के साथ ‘राघव गुप्ता’ के नाम का फर्जी कूटरचित आधार कार्ड शामिल है)।

  • एटीएम/डेबिट कार्ड: 02 (एसबीआई एवं बंधन बैंक)।

  • लैपटॉप व चार्जर: 02 (01 Dell एवं 01 Acer लैपटॉप)।

  • मोबाइल व फर्जी सिम: 06 मोबाइल फोन (सैमसंग, रेडमी, कीपैड फोन) और विभिन्न फर्जी सिम कार्ड।

  • बैंक चेकबुक व हस्ताक्षरित चेक:

    • एसबीआई और पीएनबी बैंक की 04 चेकबुक।

    • ₹3.18 करोड़ से अधिक की राशि दर्ज किए गए 09 हस्ताक्षरित चेक (Signed Cheques)

    • 20 से अधिक ब्लैंक (खाली) हस्ताक्षरित व बिना हस्ताक्षर वाले चेक।

पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य वित्तीय संपर्कों, फर्जी बैंक खातों और फर्जी फर्मों के नेटवर्क की जांच कर रही है।

क्राइम एवं साइबर ब्यूरो: बरेली

ऑल राइट्स मैगज़ीन (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)


बरेली से अमरजीत की रिपोर्ट

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)


नीट विवाद: राज्यसभा में भारी हंगामा!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: