असम: बाढ़ से 4.45 लाख लोग प्रभावित
असम में बाढ़ का तांडव: 4.45 लाख लोग प्रभावित, अब तक 68 लोगों की मौत; 6 जिलों में राहत व बचाव कार्य जार
vअसम में बाढ़ की स्थिति में भले ही मामूली सुधार दर्ज किया गया हो, लेकिन राज्य के कई हिस्सों में हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, राज्य के 6 जिलों में 4.45 लाख से अधिक (4,45,495) लोग बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। इस मानसून सीजन में असम में बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 68 हो चुकी है।
चराईदेव और शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित
बाढ़ की चपेट में आए प्रमुख जिलों में चराईदेव, शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) शामिल हैं।
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चराईदेव: बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है, जहां 1,88,404 लोग प्रभावित हुए हैं।
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शिवसागर: दूसरे स्थान पर है, जहां 1,44,461 लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं।
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जोरहाट: जिले में करीब 74,458 लोग जलभराव और बाढ़ से परेशान हैं।
90 राहत शिविरों में शरण, NDRF व SDRF की टीमें तैनात
विस्थापित लोगों की मदद और राहत कार्यों के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है:
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राहत शिविर व केंद्र: प्रशासन द्वारा कुल 90 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें 28,695 से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं। इसके अलावा 94 राहत वितरण केंद्र भी बनाए गए हैं।
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रेस्क्यू ऑपरेशन: राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और नागरिक सुरक्षा कर्मियों की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं। लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 67 नावें लगाई गई हैं।
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नदियां उफान पर: गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में धनसिरी (दक्षिण) नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
फसल और पशुधन को भारी नुकसान
असम में बाढ़ के कारण कृषि और ग्रामीण आजीविका पर गहरा असर पड़ा है। ASDMA के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 37,139 हेक्टेयर से अधिक फसल क्षेत्र जलमग्न हो चुका है। इसके साथ ही 26,600 से अधिक पशुधन के प्रभावित होने व बह जाने की सूचना है। बुनियादी ढांचे, सड़कों और आवासीय मकानों को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है।
रिपोर्ट: सोनू कुमार (पत्रकार)
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,)
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

