लखनऊ में 5वां गोमती पुस्तक महोत्सव शुरू
5वें गोमती पुस्तक महोत्सव का लखनऊ में भव्य शुभारंभ: प्राचीन ज्ञान-परंपरा को आधुनिक चेतना से जोड़ने की अभिनव पहल
विशेष रिपोर.दीपक
लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और शिक्षा मंत्रालय के तत्वावधान में देश भर में आयोजित हो रहे पुस्तक महोत्सवों की कड़ी में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को एक बड़ी सौगात मिली है। राजधानी में 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव का गरिमामय शुभारंभ किया गया। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य भारत की प्राचीन एवं समृद्ध ज्ञान-परंपरा को आधुनिक ज्ञान और नई तकनीकों के साथ जोड़कर एक सशक्त, ज्ञान-आधारित समाज का निर्माण करना है।
इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शिक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने सभी बच्चों, विद्यार्थियों और युवा साथियों को इस साहित्यिक आयोजन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
प्राचीन ज्ञान और आधुनिक चेतना का संगम
शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले ये पुस्तक महोत्सव देश के विभिन्न हिस्सों में पठन-पाठन की संस्कृति (Reading Culture) को एक नई दिशा दे रहे हैं:
-
ज्ञान-परंपरा से जुड़ाव: गोमती पुस्तक महोत्सव के माध्यम से युवाओं को भारत के वेद, उपनिषद, प्राचीन विज्ञान और दर्शन के साथ-साथ आधुनिक तकनीक, साहित्य और समकालीन विमर्शों से एक ही मंच पर रूबरू होने का अवसर मिल रहा है।
-
युवाओं और बच्चों के लिए आकर्षण: महोत्सव में बच्चों और विद्यार्थियों के लिए विशेष ज्ञानवर्धक पवेलियन, इंटरैक्टिव वर्कशॉप, और पुस्तक विमोचन सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि नई पीढ़ी में पठन-पाठन के प्रति रुचि को पुनर्जीवित किया जा सके।
‘लखनऊ की धरती पर साहित्य और ज्ञान की अविरल धारा’
आयोजकों ने विश्वास जताया है कि 5वां गोमती पुस्तक महोत्सव केवल पुस्तकों की बिक्री तक सीमित न रहकर विचारों के आदान-प्रदान और बौद्धिक मंथन का प्रमुख केंद्र बनेगा:
-
शिक्षा और नवाचार का मंच: यह आयोजन न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लेखकों, शोधकर्ताओं, अध्यापकों और छात्रों के लिए विचारों का एक विशाल मंच प्रस्तुत कर रहा है।
-
सकारात्मक ऊर्जा का संचार: लखनऊ की ऐतिहासिक और साहित्यिक सरजमीं पर गोमती तट पर आयोजित हो रहा यह महोत्सव युवाओं को सकारात्मक सोच और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा।
