EVM खारिज, बैलेट से हों चुनाव: इंडी गठबंधन की मांग
“EVM हटाओ, बैलेट पेपर लाओ”: दिल्ली में इंडी (INDIA) गठबंधन का बड़ा दांव; SIR प्रक्रिया में धांधली और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग तेज
नई दिल्ली: देश की राजधानी नई दिल्ली में आज बुधवार (30 सितंबर 2026) को विपक्षी दलों के प्रमुख गठबंधन इंडी (INDIA) ब्लॉक की एक हाई-प्रोफाइल रणनीतिक बैठक आयोजित हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, मतों की हेरफेर और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली के खिलाफ संयुक्त देशव्यापी आंदोलन की कार्ययोजना तैयार करना था।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सपा नेता अखिलेश यादव (प्रतिनिधियों के साथ), नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती, शिवसेना (UBT) और वामपंथी दलों समेत 19 से अधिक विपक्षी दलों के शीर्ष नेता शामिल हुए।
“EVM नहीं, बैलेट पेपर से हों चुनाव” — मल्लिकार्जुन खरगे
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाते हुए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने सभी विपक्षी दलों से एकसुर में आगामी सभी चुनावों में बैलेट पेपर (मतपत्र) से मतदान की व्यवस्था बहाल करने की मांग करने का आह्वान किया।
खरगे ने स्पष्ट कहा: “लोकतंत्र में अंतिम शक्ति और जनादेश देश की जनता के हाथों में होता है। चुनाव आयोग द्वारा लागू की गई SIR प्रक्रिया के माध्यम से वैध मतदाताओं के नाम छांटे जा रहे हैं और नए मतदाताओं के लिए बाधाएं खड़ी की जा रही हैं।”
इंडी गठबंधन और खरगे की 5 प्रमुख मांगें
विपक्षी बैठक में निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को सुरक्षित करने के लिए 5 मुख्य बिंदुओं और मांगों पर सहमति बनी:
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EVM की जगह बैलेट पेपर: भविष्य के सभी स्थानीय और राष्ट्रीय चुनावों को EVM के बजाय पारंपरिक मतपत्रों (Ballot Paper) के जरिए कराया जाए।
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मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा/हटाना: विवादित और पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या संसद में उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी पर सहमति।
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SIR प्रक्रिया से पहले की रोल (Pre-SIR Rolls) लागू हो: मतदाता सूचियों में कथित मनमानी छंटनी को देखते हुए चुनावों के लिए पुरानी प्रमाणित वोटर लिस्ट को ही आधार माना जाए।
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काटे गए नामों का पारदर्शी ब्योरा: एसआईआर (SIR) के तहत जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उसका स्पष्ट कारण सार्वजनिक किया जाए।
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संयुक्त देशव्यापी आंदोलन: मतदाता अधिकारों की रक्षा और चुनाव आयोग के खिलाफ इंडी ब्लॉक की सभी घटक पार्टियां पूरे देश में संयुक्त सड़क से संसद तक प्रदर्शन करेंगी।
सड़क से संसद तक लड़ाई की तैयारी
गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों और अन्य सभी निर्वाचनों में ‘वोट चोरी’ के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए विपक्ष एकजुट होकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर रैलियों और विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत करेगा।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ देश की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था और राजनीतिक घटनाक्रमों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।
