**’टॉक्सिक’ पर यश: समय के साथ बदली सोच**
यश का बदला नजरिया: ‘टॉक्सिक’ में दिखेगा परिपक्व सिनेमा
मुंबई (अनिल बेदाग)। रॉकिंग स्टार यश अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपनी बेबाक सोच के लिए भी जाने जाते हैं। अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ के सिलसिले में उन्होंने अपने विचारों और सिनेमा को लेकर बदलते नजरिए पर खुलकर बात की।
‘आप की अदालत’ में रजत शर्मा से बातचीत के दौरान यश ने स्वीकार किया कि समय के साथ उनकी सोच में बदलाव आया है।
“बदलाव इंसानी स्वभाव का हिस्सा है”
यश ने स्पष्ट किया कि समय के साथ व्यक्ति का दृष्टिकोण बदलना स्वाभाविक है:
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बदलाव की स्वीकारोक्ति: यश ने कहा, “इंसान बदलता है। अगर कोई कहता है कि मैं 20 साल में नहीं बदला, तो वो झूठ बोल रहा है।”
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सोच में परिपक्वता: जिस विचार पर कोई व्यक्ति दस साल पहले भरोसा करता था, जरूरी नहीं कि आज भी वही सोच रखे। विचार कुछ मिनटों में भी बदल सकते हैं।
सिनेमाई दृष्टिकोण में बदलाव
पहले यश ऐसी पारिवारिक फिल्में बनाने पर ध्यान देते थे जिन्हें हर उम्र के लोग सहजता से देख सकें। हालांकि, अब उनका सिनेमाई दृष्टिकोण अधिक परिपक्व और नए दृष्टिकोण को प्रस्तुत करता है।
गीटू मोहनदास द्वारा निर्देशित फिल्म ‘टॉक्सिक’ 26 अगस्त 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

