शी चिनफिंग पहुंचे उत्तर कोरिया
7 साल बाद उत्तर कोरिया पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, किम जोंग-उन ने किया भव्य स्वागत
(डिजिटल डेस्क, बीजिंग): वैश्विक राजनीति और पूर्वी एशिया के कूटनीतिक समीकरणों के लिहाज से सोमवार (08 जून 2026) को एक बेहद ऐतिहासिक घटनाक्रम सामने आया है। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग पूरे 7 साल के लंबे अंतराल के बाद उत्तर कोरिया की आधिकारिक यात्रा पर राजधानी प्योंगयांग पहुंचे हैं [cite: चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग सोमवार को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग पहुंचे।, vशी चिनफिंग सोमवार को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग पहुंचे।]। प्योंगयांग पहुंचने पर उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन ने शी चिनफिंग का भव्य और गर्मजोशी से स्वागत किया।
किम जोंग-उन के साथ होगी द्विपक्षीय वार्ता
चीनी सरकारी समाचार एजेंसी ‘सिन्हुआ’ के मुताबिक, इस बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शी चिनफिंग उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ एक विस्तृत द्विपक्षीय शिखर वार्ता करेंगे [cite: चीनी समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, वह वहां उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।]। इस द्विपक्षीय बैठक को लेकर कूटनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
पुरानी दोस्ती को मजबूत करने और संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर
इस शिखर बैठक के मुख्य एजेंडे को लेकर बताया गया है कि दोनों शीर्ष नेता कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे:
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पारंपरिक दोस्ती की पुष्टि: दोनों देशों के शीर्ष नेता आपस में बैठकर दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच लंबे समय से चली आ रही ऐतिहासिक और रणनीतिक दोस्ती की एक बार फिर से पुष्टि करेंगे।
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द्विपक्षीय संबंधों को नया आयाम: इसके साथ ही, बदलते वैश्विक परिदृश्य और भू-राजनीतिक (Geopolitical) दबावों के बीच दोनों नेता आपसी द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत करने तथा उन्हें एक नए स्तर पर आगे बढ़ाने का साझा संकल्प लेंगे।
7 साल बाद हो रही इस यात्रा के गहरे मायने
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले 7 वर्षों में यह पहला मौका है जब चीनी राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया की धरती पर कदम रखा है। ऐसे समय में जब अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ चीन और उत्तर कोरिया दोनों के ही संबंध उतार-चढ़ाव भरे दौर से गुजर रहे हैं, शी चिनफिंग की प्योंगयांग यात्रा रक्षा, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम साबित हो सकती है। इस बैठक के बाद जारी होने वाले संयुक्त बयान पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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