हरियाली तीज पर क्यों न पहनें काले कपड़े
हरियाली तीज पर क्यों नहीं पहनने चाहिए काले और सफेद कपड़े? सुहागिन महिलाएं और कुंवारी कन्याएं जान लें धार्मिक वजह
विशेष धर्म एवं अध्यात्म ब्यूरो: नई दिल्ली
रिपोर्ट: कौशिक शर्मा
संपादन एवं प्रस्तुति: सोनू कुमार (पत्रकार)
हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं और कुंवारी कन्याओं के लिए हरियाली तीज का पर्व अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। इस वर्ष हरियाली तीज का पावन व्रत 15 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं, वहीं कुंवारी कन्याएं योग्य वर की प्राप्ति के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं।
हालांकि, धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं के अनुसार हरियाली तीज के दिन पूजा-पाठ के दौरान काले और सफेद रंग के कपड़े पहनना पूरी तरह वर्जित व अशुभ माना जाता है। आइए जानते हैं इसके पीछे की धार्मिक वजहें:
काले और सफेद कपड़े न पहनने के धार्मिक कारण
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काले रंग को माना जाता है नकारात्मकता का प्रतीक: धार्मिक दृष्टिकोण से काला रंग शनिदेव और राहु-केतु से जोड़ा जाता है, जो पूजा-पाठ में नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। हरियाली तीज जैसे सुहाग और पर्व के दिन काले वस्त्र धारण करने से वातावरण में नकारात्मकता और शुभ कार्यों में बाधा आती है।
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सफेद रंग वैराग्य का प्रतीक: सफेद रंग शांति का प्रतीक तो है, लेकिन सुहाग पर्व पर इसे शुभ नहीं माना जाता। सफेद वस्त्र वैराग्य और वियोग का प्रतीक माने जाते हैं, इसलिए सुहागिन महिलाओं को किसी भी मांगलिक या सुहाग से जुड़े पर्व पर सफेद रंग के कपड़े या गहने पहनने की मनाही होती है।
तीज पर किस रंग के कपड़े पहनना होता है अत्यंत शुभ?
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हरा रंग (विशेष महत्व): सावन के महीने और हरियाली तीज पर हरे रंग के कपड़े और चूड़ियां पहनना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। हरा रंग प्रकृति, समृद्धि, खुशहाली और माता पार्वती के आशीर्वाद का प्रतीक है।
अन्य शुभ रंग: हरे रंग के अलावा आप लाल, पीला, नारंगी (केसरिया) या गुलाबी रंग के वस्त्र पहनकर पूजा-अर्चना कर सकती हैं
प्रादेशिक ब्यूरो: बरेली (उत्तर प्रदेश)
ऑल Rights मैगज़ीन (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल

