पंजाब में 24 घंटे बिजली के दावे फेल, फैक्ट्रियां बंद
“24 घंटे बिजली का दावा फ़ेल, पंजाब में ठप्प पड़ीं फैक्ट्रियां”: मोहाली के उद्योगपति पावर कट से बेहाल, आप सरकार पर खड़े हुए सवाल
मोहाली (पंजाब): आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार द्वारा पंजाब में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति प्रदान करने के दावों की पोल अब ज़मीनी हकीकत खोल रही है। राज्य के प्रमुख औद्योगिक हब मोहाली में लगातार हो रहे अनसScheduled पावर कट और अघोषित बिजली कटौती के कारण स्थानीय उद्योग-धंधे ठप्प होने की कगार पर पहुँच गए हैं।
फैक्ट्रियों में उत्पादन बाधित होने से उद्योगपतियों को भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर आम जनता और मजदूर वर्ग भी उमस और बिजली की किल्लत से बेहाल हैं।
मशीनें बंद, पिघला मेटल बर्बाद: उद्योगों को करोड़ों का नुकसान
मोहाली के औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली की अनिश्चितता ने विनिर्माण (Manufacturing) इकाइयों पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है:
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रॉ-मटीरियल और उत्पादन का भारी नुकसान: मोहाली की धातुकर्म (Metal & Steel) और भारी निर्माण इकाइयों में अचानक बिजली जाने से भट्ठियों (Furnaces) में पिघला हुआ मेटल जम रहा है, जिससे लाखों रुपये की सामग्री एक झटके में बर्बाद हो रही है।
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समय पर सप्लाई न होने से ऑर्डर कैंसिल: लगातार बिजली कटौती के कारण फैक्ट्रियां अपना प्रोडक्शन शेड्यूल पूरा नहीं कर पा रही हैं, जिससे विदेशी और राष्ट्रीय क्लाइंट्स के ऑर्डर रद्द होने का खतरा बन गया है।
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मजदूरों और कर्मचारियों की दुर्दशा: औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले मजदूर रातों को सो नहीं पा रहे हैं, जिससे दिन के समय उनकी कार्यक्षमता पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
“बदलाव के दावों को मिला हकीकत का आईना”: जनता और व्यापारियों में आक्रोश
अरविंद केजरीवाल और पंजाब सरकार द्वारा राज्य चुनाव के दौरान किए गए “24×7 फ्री और 24 घंटे बिजली” के वादों पर अब पंजाब के व्यापारी और आम नागरिक सवाल उठा रहे हैं:
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चुनावी वादों और ज़मीनी हकीकत में अंतर: स्थानीय उद्योगपतियों का कहना है कि सरकार विज्ञापनों में 24 घंटे बिजली देने का दावा तो कर रही है, लेकिन हकीकत में बुनियादी ढांचा (Grid Infrastructure) इस मांग को संभालने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।
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आर्थिक मंदी की आहट: अगर पंजाब के औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली की स्थिति जल्द दुरुस्त नहीं की गई, तो कई इकाइयां दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर होंगी, जिससे राज्य के राजस्व और रोजगार दोनों पर गहरा असर पड़ेगा।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ पंजाब के उद्योगों और रोजगार से जुड़ी इस गंभीर समस्या पर राज्य सरकार और पंजाब राज्य पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) से त्वरित और ठोस कदम उठाने की मांग करती है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)
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