7.8% GDP ग्रोथ ने राहुल गांधी के दावों को किया पस्त

मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने भारत को बनाया ‘ग्लोबल ग्रोथ इंजन’: मूडीज का 7% विकास दर का अनुमान, विपक्ष के दावों पर उठे सवाल

नई दिल्ली: वैश्विक अनिश्चितताओं और अंतराष्ट्रीय संकटों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था पूरी मजबूती के साथ अपनी अग्रणी भूमिका निभा रही है। हाल ही में जारी आंकड़ों और अंतर्राष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों के अनुमानों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। हाल ही में दर्ज 7.8% की जीडीपी वृद्धि दर और वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s) द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत के विकास दर अनुमान को बढ़ाकर 7% किए जाने से देश का आर्थिक परिदृश्य और अधिक मजबूत हुआ है। इसके साथ ही जापान की रेटिंग एजेंसी (JCR) द्वारा भारत की साख (Credit Rating) में सुधार देश की मजबूत आर्थिक बुनियाद पर मुहर लगाता है।

सत्तारूढ़ दल और आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि इन सकारात्मक आंकड़ों ने विपक्ष, विशेषकर राहुल गांधी द्वारा अर्थव्यवस्था को लेकर फैलाए जा रहे “आर्थिक मंदी और मंदी के नैरेटिव” की हवा निकाल दी है।

मूडीज और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मुहर: भारत की तेज आर्थिक रफ्तार

ग्लोबल रेटिंग एजेंसियों ने भारत की विकास यात्रा और इसके आंतरिक मजबूत बाजार की खुलकर तारीफ की है:

  • मूडीज का संशोधित अनुमान (7% growth): मूडीज रेटिंग्स ने भारत के वास्तविक जीडीपी विकास दर के अनुमान को 6% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। एजेंसी का मानना है कि मजबूत घरेलू मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकारी खर्च और प्राइवेट कंजम्पशन भारत को वैश्विक झटकों से बचा रहा है।

  • 7.8% जीडीपी दर से दुनिया हैरान: अप्रैल-जून तिमाही में 7.8% की जीडीपी वृद्धि ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) सहित कई वैश्विक संस्थाओं को चौंकाया है।

  • जापान रेटिंग एजेंसी (JCR) का भरोसा: जापानी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा भारत के आउटलुक और रेटिंग में सुधार यह दर्शाता है कि विदेशी निवेशक भारत को स्थिर और भरोसेमंद निवेश केंद्र के रूप में देख रहे हैं।

विपक्ष के नैरेटिव और प्रोपेगैंडा पर लगा विराम

भारतीय जनता पार्टी और समर्थकों ने इन आंकड़ों को आधार बनाकर विपक्षी दल और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है:

  1. ‘आर्थिक मंदी’ के दावों की खुली पोल: जहां विपक्ष देश की अर्थव्यवस्था के ध्वस्त होने और नौकरियों के संकट का आरोप लगाता रहा है, वहीं वैश्विक रेटिंग्स और जमीनी आंकड़े भारत को ‘Global Growth Engine’ के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

  2. घरेलू मांग और विनिर्माण को गति: मेक इन इंडिया, पीएलआई (PLI) स्कीम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर ने देश की अर्थव्यवस्था को आंतरिक रूप से इतना आत्मनिर्भर बना दिया है कि बाहरी वैश्विक युद्धों का असर भारत पर बेहद सीमित रहा है।

‘ऑल राइट्स मैगजीन’ भारत की इस ऐतिहासिक आर्थिक प्रगति और मजबूत साख का स्वागत करती है, जो ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने की ओर बड़ा कदम है।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)                  

मिजोरम यूथ कांग्रेस की बैठक: 25 हजार खाली पदों पर संग्राम!

सीएम योगी ने 818 युवाओं को सौंपे नियुक्ति-पत्र

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: