बरेली बारादरी में गोवंश अवशेष पर हंगामा
बरेली: हिंदू संगठनों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जताई नाराजगी; बारादरी क्षेत्र में गोवंश के अवशेष मिलने और पुलिस के व्यवहार पर जांच की मांग
रिपोर्ट: विशेष ब्यूरो (बरेली)
(बरेली): आजाद हिंदू सेना, राष्ट्रीय सेवा संघ समेत समस्त गौ रक्षक और विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रदेश में हाल ही में घटित कुछ गंभीर घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठनों की ओर से शासन और वरिष्ठ पुलिस प्रशासन का ध्यान इन संवेदनशील मामलों की ओर आकर्षित कराते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई गई है।
अपराधिक घटनाओं पर कठोर कार्रवाई की मांग
विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुई हालिया अपराधिक वारदातों पर कड़ा रोष प्रकट किया है।
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जघन्य अपराधों का विरोध: संगठनों का कहना है कि होली पर्व के दौरान तरुण वाल्मीकि की हत्या और उसके बाद बकरीद के मौके पर गाजियाबाद में हुई सूर्य चौहान की हत्या की घटना से हिंदू समाज अत्यंत आहत और चिंतित है।
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कड़े कानून की पैरवी: इन मामलों को लेकर मांग की गई है कि सभी दोषियों के विरुद्ध ऐसी कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जो नजीर बने ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार के जघन्य अपराध करने का साहस न कर सके।
बारादरी क्षेत्र में गोवंश के अवशेष मिलने पर हंगामा
शिकायती पत्र में उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के थाना बारादरी क्षेत्र का भी एक गंभीर मामला उठाया गया है। संगठनों के अनुसार, बीते 28 मई 2026 को बारादरी थाना क्षेत्र में एक गोवंश और एक नवजात बछड़े के अवशेष मिलने की सूचना स्थानीय गौ रक्षकों द्वारा पुलिस प्रशासन को दी गई थी।
आरोप है कि सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे संबंधित पुलिस अधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय शिकायतकर्ताओं और गौ रक्षकों के साथ बेहद अभद्र व अनुचित व्यवहार किया। इतना ही नहीं, पुलिस अधिकारी पर गौ रक्षकों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने का भी संगीन आरोप लगाया गया है।
वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच की मांग
हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने बताया कि घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। संगठनों ने वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि:
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इस पूरे घटनाक्रम और वायरल वीडियो की किसी उच्च अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
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गौ रक्षकों के साथ दुर्व्यवहार करने और धमकी देने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
पदाधिकारियों का कहना है कि पुलिस के ऐसे अड़ियल और नकारात्मक रवैये से आम नागरिकों और जमीन पर काम करने वाले सामाजिक संगठनों का स्थानीय प्रशासन पर से विश्वास उठने लगता है, जिसे बहाल करना बेहद जरूरी है।
(नोट: मूल पत्र में तीसरा बिंदु अधूरा छोड़ दिया गया था। संगठनों द्वारा तीसरी मांग या आगे का विवरण साझा किए जाने पर इसे अपडेट किया जाएगा।)
बरेली से अमरजीत की रिपोर्ट
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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