यूपी STF: नाइजीरियाई साइबर ठग गिरफ्तार
यूपी STF: नाइजीरियाई साइबर ठग गिरफ्तार
दिल्ली / लखनऊ – उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) की साइबर टीम ने 11 अगस्त 2026 को दिल्ली के कमल विहार, बुराड़ी से एक नाइजीरियाई नागरिक को गिरफ्तार कर अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है।
कार्रवाई का विवरण
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अभियुक्त की पहचान: वोगु ओबेड ओसिनाची (37 वर्ष), निवासी इमो स्टेट, नाइजीरिया।
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वर्तमान पता: श्री ललित भट्ट का मकान, ए-ब्लॉक, गली नं. 14, कमल विहार, बुराड़ी, दिल्ली।
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दर्ज मुकदमा: थाना मड़ियांव (Madeeyaganj), लखनऊ कमिश्नरेट में बीएनएस (BNS) की धाराओं 318(4), 338, 336(3), 340(2) और आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत पंजीकृत मुकदमा संख्या 33/2026 में आरोपी वांछित था।
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पूर्व में हुई गिरफ्तारियां: इसी मामले में गिरोह के सह-अभियुक्त उचेनवा (15 मई 2026) और ओबासे प्रॉस्पर (18 जुलाई 2026) को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
बरामदगी का विवरण
छापेमारी के दौरान एसटीएफ ने आरोपी के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
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11 मोबाइल फोन
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01 लैपटॉप
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01 पासपोर्ट
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04 एटीएम कार्ड
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34 वर्क स्क्रीनशॉट: मोबाइल से विदेशी नागरिकों के फोटो/वीडियो तथा कस्टम अधिकारी बनकर ठगी करने से संबंधित साक्ष्य।
ठगी का तरीका (Modus Operandi)
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फर्जी प्रोफाइल बनाना: गिरोह के सदस्य फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर अमेरिका व ब्रिटेन के नागरिकों की तस्वीरों का उपयोग कर फर्जी प्रोफाइल बनाते थे।
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विश्वास में लेना: भारत के पुरुषों और महिलाओं से ऑनलाइन दोस्ती कर उनका विश्वास जीतते थे।
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कीमती उपहार का लालच: पीड़ितों को महंगे उपहार, अमेरिकी डॉलर या ब्रिटिश पाउंड भेजने का झांसा दिया जाता था।
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कस्टम अधिकारी बनकर वसूली: इसके बाद फर्जी कस्टम या आयकर अधिकारी बनकर पार्सल छुड़ाने, जीएसटी और क्लियरेंस फीस के नाम पर किराए के भारतीय बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला लखनऊ के एक निवासी से लगभग ₹68 लाख की ठगी के बाद प्रकाश में आया था। पीड़ित को इंग्लैंड की “डोरिस विलियम” नाम की फर्जी फेसबुक प्रोफाइल से फंसाया गया था और एक फर्जी “यूनाइटेड किंगडम रिजर्व बैंक सर्टिफिकेट” भी भेजा गया था।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 2022 में बिजनेस वीजा पर भारत आया था, जिसकी अवधि उसी वर्ष समाप्त हो गई थी। तब से वह दिल्ली में अवैध रूप से रह रहा था और अन्य विदेशी साथियों के साथ मिलकर वित्तीय ठगी को अंजाम दे रहा था।
ऑल Rights मैगज़ीन (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल

