प्रयागराज: ऑनलाइन सट्टेबाजी गैंग अरेस्ट
एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: प्रयागराज से फर्जी दस्तावेजों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी व गेमिंग कराने वाले गिरोह के 04 सदस्य गिरफ्तार
विशेष अपराध एवं एसटीएफ ब्यूरो: प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)
रिपोर्ट: ऑल Rights मैगज़ीन ब्यूरो
उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (STF) की प्रयागराज फील्ड इकाई ने कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर ऑनलाइन गेमिंग व सट्टेबाजी कराने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ टीम ने मेजा (प्रयागराज) क्षेत्र से गिरोह के 04 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
यह गिरोह rolexpanel.win नामक वेबसाइट और ऐप के जरिए अवैध रूप से ऑनलाइन सट्टेबाजी और धोखाधड़ी का सिंडिकेट चला रहा था।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
एसटीएफ की टीम ने 10 अगस्त 2026 की रात को मेजा के मिश्रपुर स्थित मुर्गी फार्म से निम्नलिखित 4 अभियुक्तों को धर दबोचा:
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बृजेश कुमार सिंह उर्फ टीटू (उम्र 26 वर्ष) — निवासी: ग्राम शम्भूचक, थाना मेजा, जनपद प्रयागराज (मुख्य संचालक)।
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अभिषेक कुमार (उम्र 20 वर्ष) — निवासी: दिलबहार कालोनी, थाना डीएलडब्ल्यू, जनपद वाराणसी।
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प्रिन्स कुमार उर्फ गौतम (उम्र 20 वर्ष) — निवासी: ग्राम उरूवा, थाना मेजा, जनपद प्रयागराज।
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मितेश प्रधान (उम्र 26 वर्ष) — निवासी: गौटिया पारा तरड़ा, थाना कुसौर, जनपद रायगढ़ (छत्तीसगढ़)।
भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व फर्जी दस्तावेज बरामद
गैंग के कब्जे से एसटीएफ ने निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
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कंप्यूटर व कनेक्टिविटी: 01 लैपटॉप, 01 टैबलेट, 01 जियो एयर फाइबर सेट और 01 ऑप्टिकल फिंगर स्कैनर।
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मोबाइल व सिम कार्ड: 13 स्मार्ट मोबाइल फोन, 24 पैक्ड सिम कार्ड, 4 खुले सिम कार्ड और 5 कागज की पर्ची में लिपटे सिम।
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बैंकिंग व पेमेंट स्कैनर: 10 यूपीआई QR कोड स्टीकर, 01 QR कोड मय स्टैंड, 05 QR कोड साउंड बॉक्स और 13 डेबिट/क्रेडिट कार्ड।
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दस्तावेज व नकदी: ₹23,000 नकद, 03 आधार कार्ड, 03 रजिस्टर और सट्टेबाजी से जुड़े 32 वर्क (स्क्रीनशॉट)।
फर्जी आईडी से Airtel Payment Bank खाते और सट्टे का खेल
मुख्य अभियुक्त बृजेश कुमार सिंह ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे दूसरों की आईडी पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सिम कार्ड एक्टिवेट कराते थे।
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ऐसे चलता था फर्जीवाड़ा: एक्टिवेटेड सिम से एयरटेल पेमेंट बैंक (Airtel Payment Bank) में फर्जी अकाउंट खुलवाकर यूपीआई आईडी (UPI ID) और MPIN तैयार किया जाता था।
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अकाउंट ब्लॉक होने पर नया सिम: अत्यधिक ट्रांजैक्शन के कारण जब कोई नंबर ब्लॉक हो जाता, तो वे तुरंत दूसरा फर्जी सिम चालू कर लेते थे।
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सुरक्षा के लिए जासूसी मोड: सट्टेबाजी के पैसे को लगातार अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए एडमिन को स्क्रीनशॉट भेजे जाते थे। यदि वेबसाइट पर 2 से 5 मिनट की गतिविधि नहीं होती, तो मुख्य एडमिन अकाउंट को तुरंत लॉग आउट/सस्पेंड कर देता और व्हाट्सएप ग्रुप डिलीट कर देता था।
कानूनी कार्रवाई
एसटीएफ की तहरीर पर थाना कोतवाली मेजा, जनपद प्रयागराज में आरोपियों के खिलाफ मु०अ०सं० 421/2026 के तहत BNS की धारा 3(5), 61(2), 112(2), 318(4), 319(2), 336(3) तथा 66C व 66D आईटी एक्ट (IT Act) में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। अग्रिम कानूनी कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।
क्राइम ब्यूरो: प्रयागराज
ऑल Rights मैगज़ीन (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल

