400 स्कूलों में गूंजेगी रामायण
बड़े पर्दे से पहले स्कूलों में ‘रामायण’ का महाअभियान: 18 शहरों के 400 से अधिक स्कूलों में शुरू हुआ सांस्कृतिक आंदोलन
मुंबई: भारत की सबसे प्रतिष्ठित और कालजयी महागाथाओं में शुमार ‘रामायण’ अब सिर्फ सिनेमाघरों के बड़े पर्दे तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश के भावी कर्णधारों के दिलों तक भी पहुंचेगी। फिल्म की भव्य रिलीज से पहले एक अनूठे और वृहद राष्ट्रीय स्कूल अभियान (National School Campaign) की शुरुआत की गई है। भारतीय संस्कृति, उच्च आदर्शों और पारिवारिक मूल्यों से नई पीढ़ी को जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किया गया यह अभियान देश के 18 प्रमुख शहरों के 400 से अधिक स्कूलों में चलाया जा रहा है, जिससे 5 लाख से ज्यादा छात्र सीधे तौर पर जुड़ेंगे।
क्विज और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ेंगे 5 लाख छात्र
बच्चों को खेल-खेल में और रचनात्मक तरीके से ‘रामायण’ के महान पात्रों व उनकी शिक्षाओं से परिचित कराने के लिए इस अभियान के तहत कई विशेष आयोजन किए जा रहे हैं:
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रचनात्मक प्रतियोगिताएं: स्कूलों में ड्रॉइंग, क्विज (प्रश्नोत्तरी) और कई तरह की इनोवेटिव गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
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संवाद सत्र: बच्चों के लिए विशेष टॉक शो और संवाद सत्र रखे गए हैं, ताकि वे रामायण के नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में उतार सकें।
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पारिवारिक जुड़ाव: इस पहल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह केवल बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें अपने घरों में माता-पिता और बुजुर्गों के साथ रामायण के आदर्शों पर स्वस्थ चर्चा करने के लिए भी प्रेरित कर रही है।
फिल्मकार नितेश तिवारी की महत्वाकांक्षी ‘रामायण’: दिवाली 2026 में मचेगा धमाल
यह सांस्कृतिक अभियान दिग्गज फिल्मकार नितेश तिवारी और मशहूर निर्माता नमित मल्होत्रा की आगामी महत्वाकांक्षी फिल्म ‘रामायण’ के प्रचार और सांस्कृतिक जुड़ाव का हिस्सा है। इस सिनेमाई प्रोजेक्ट को वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति की अब तक की सबसे भव्य और आधुनिक प्रस्तुति माना जा रहा है:
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मल्टीस्टारर स्टारकास्ट: भारतीय सिनेमा के इतिहास की इस सबसे बड़ी फिल्म में रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश, सनी देओल और रवि दुबे जैसे दिग्गज कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं।
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दो भागों में होगी रिलीज: फिल्म को महाकाव्य की विशालता को देखते हुए दो भागों में रिलीज किया जाएगा। फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 में और दूसरा भाग दिवाली 2027 में आईमैक्स (IMAX) फॉर्मेट सहित दुनियाभर के सिनेमाघरों में एक साथ प्रदर्शित किया जाएगा।
रिलीज से महीनों पहले स्कूलों के स्तर पर शुरू हुआ यह महाअभियान साफ संकेत देता है कि यह प्रोजेक्ट केवल एक व्यावसायिक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत और सनातन मूल्यों को आधुनिक पीढ़ी तक ट्रांसफर करने का एक राष्ट्रव्यापी सांस्कृतिक आंदोलन बनने की राह पर अग्रसर है।
रिपोर्ट: अनिल बेदाग (मुंबई)
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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