यूपी में बदला स्कूली शिक्षा का स्वरूप
यूपी में स्कूली शिक्षा का कायाकल्प: डिजिटल तकनीक और आधुनिक संसाधनों से संवर रहा भावी भविष्य
लखनऊ – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य की बुनियादी और माध्यमिक शिक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। ऑपरेशन कायाकल्प, आधुनिक तकनीक और डिजिटल लर्निंग के नए मॉडलों के माध्यम से परिषदीय व सरकारी स्कूलों का ढांचा बदलकर एक बेहतर शिक्षा माहौल (‘Learning Environment’) तैयार किया जा रहा है।
राज्य सरकार का ध्यान केवल नामांकन बढ़ाने तक सीमित न रहकर बच्चों में बुनियादी साक्षरता, संख्यात्मक ज्ञान (NIPUN Bharat Mission) और प्रैक्टिकल स्किल डेवलपमेंट पर केंद्रित है।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार के प्रमुख स्तंभ
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ऑपरेशन कायाकल्प से इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव: राज्य के 1.32 लाख से अधिक सरकारी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का कायाकल्प किया गया है। स्कूलों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, डेस्क-बेंच, खेल का मैदान और सुरक्षित बाउंड्री वॉल सुनिश्चित की गई हैं।
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स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी लैब्स: डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हजारों परिषदीय व माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, आईसीटी (ICT) लैब्स और कंप्यूटर लैब स्थापित किए गए हैं।
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मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय व अटल आवासीय विद्यालय: विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस 10 से 15 एकड़ के परिसरों में आधुनिक प्रयोगशालाओं (Physics, Chemistry, Computer) और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के साथ मॉडल स्कूल विकसित किए जा रहे हैं।
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शिक्षक संदर्शिका व आधुनिक टीएलएम (TLM): शिक्षकों को योजनाबद्ध अध्ययन और गतिविधि-आधारित शिक्षण के लिए शिक्षक डायरी और विशेष संदर्शिका (Teacher Manuals) उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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पारदर्शी डीबीटी (Direct Benefit Transfer) प्रणाली: यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर और स्टेशनरी के लिए सीधे अभिभावकों के बैंक खातों में ₹1,200 प्रति छात्र ट्रांसफर किए जाते हैं, जिससे शत-प्रतिशत पारदर्शिता आई है।
आधुनिक तकनीक और ‘निपुण भारत’ मिशन
डिजिटल गवर्नेंस और गुणवत्ता मूल्यांकन के लिए दीक्षा (DIKSHA) पोर्टल, ई-पाठशाला और निपुण प्लस (NIPUN Plus) ऐप जैसे टूल्स का उपयोग हो रहा है। इसके जरिए छात्रों की सीखने की क्षमता का रीयल-टाइम मूल्यांकन किया जाता है।
योगी सरकार की इन दूरदर्शी नीतियों से न केवल सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का विश्वास बढ़ा है, बल्कि उत्तर प्रदेश देश में बुनियादी शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

