भोपाल में स्कूल मर्जर पर छात्रों का प्रदर्शन
भोपाल में स्कूल मर्जर के खिलाफ सड़कों पर उतरे सैकड़ों छात्र: शिक्षा और सुविधाओं पर उठे सवाल
भोपाल (मध्य प्रदेश) – मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्कूलों के आपस में विलय (School Merger) के सरकारी फैसले के खिलाफ सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सड़क पर उतरकर मोर्चा खोल दिया है। लगभग 300 से 400 स्कूली बच्चों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए मांग की है कि उनके स्कूलों का विलय तुरंत रोका जाए, क्योंकि इससे उनकी पढ़ाई और दैनिक आवागमन पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
छात्रों की प्रमुख समस्याएं और चिंताएं
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दूरी और आवागमन की समस्या: छात्रों का कहना है कि दूसरे स्कूलों में मर्जर होने के बाद उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे न केवल उनका समय खराब होगा बल्कि सुरक्षा का खतरा भी बढ़ेगा।
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अध्ययन में बाधा: अचानक स्कूल बदले जाने और नए शैक्षणिक माहौल में ढलने से बच्चों की नियमित पढ़ाई और परीक्षा की तैयारियों पर बुरा असर पड़ रहा है।
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बुनियादी सुविधाओं का अभाव: प्रदर्शनकारी छात्रों का तर्क है कि जिन बड़े स्कूलों में उन्हें शिफ्ट करने की योजना है, वहां पहले से ही कक्षाओं और संसाधनों की सीमा तय है, जिससे भीड़ बढ़ेगी।
जनआक्रोश और विपक्ष का हमला
हाथों में किताबें और तख्तियां लेकर विरोध दर्ज करा रहे बच्चों की तस्वीरों ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में बहस तेज कर दी है। विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकार को प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए, न कि स्कूलों को बंद या मर्ज करके बच्चों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर करना चाहिए।
अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि शिक्षा विभाग तुरंत इस फैसले की समीक्षा करे और बच्चों के भविष्य व सहूलियत को ध्यान में रखते हुए विलय के आदेश को वापस ले।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

