STF ने डार्क वेब ड्रग सरगन को पकड़ा
डार्क वेब और सोशल मीडिया के जरिए कॉलेजों में ड्रग्स सप्लाई करने वाला मुख्य सरगना गौरव खन्ना ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार; 17 बैंक खातों और मर्डर हिस्ट्री का हुआ खुलासा
(ग्रेटर नोएडा): उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) की नोएडा फील्ड इकाई को नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के नामचीन शिक्षण संस्थानों व हॉस्टलों को टारगेट कर ऑनलाइन ड्रग्स बेचने वाले एक बड़े गिरोह के संचालक और मुख्य सरगना गौरव खन्ना को परी चौक, ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार कर लिया है।
पकड़ा गया आरोपी डार्क वेब (Dark Web) और सोशल मीडिया के कम्युनिटी ग्रुप्स का सहारा लेकर अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफियाओं से नशीले पदार्थ मंगवाता था और उन्हें छात्रों के बीच ऊंचे दामों पर बेचता था।
मुखबिर की सूचना पर परी चौक से हुई गिरफ्तारी
उत्तर प्रदेश एसटीएफ, लखनऊ द्वारा जारी प्रेस नोट (संख्या 153) के अनुसार, एनसीआर क्षेत्र में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और डार्क वेब पर संगठित गिरोह बनाकर इम्पोर्टेड मादक पदार्थों की तस्करी की सूचनाएं लगातार मिल रही थीं।
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एसटीएफ की टीम: श्री राज कुमार मिश्रा (अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ फील्ड इकाई, नोएडा) के पर्यवेक्षण व श्री नवेन्दु कुमार (पुलिस उपाधीक्षक) के नेतृत्व में निरीक्षक सचिन कुमार, उप निरीक्षक सनत कुमार और अवधेश कुमार की टीम इस गिरोह पर नजर रख रही थी।
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दबिश: दिनांक 24 मई 2026 को दोपहर लगभग 01:35 बजे एसटीएफ की टीम ने सटीक सूचना के आधार पर परी चौक, ग्रेटर नोएडा (गौतमबुद्धनगर) की घेराबंदी की और वांछित चल रहे सरगना गौरव खन्ना को धर दबोचा।
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बरामदगी: गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से 01 मोबाइल फोन, 02 पैन कार्ड और 03 डेबIT कार्ड बरामद किए गए हैं।
क्रिप्टोकरंसी और रैपिडो-उबर का अनोखा नेटवर्क; ऐसे होती थी डिलीवरी
पूछताछ के दौरान 48 वर्षीय गौरव खन्ना (पुत्र राजेन्द्र खन्ना, निवासी राजनगर एक्सटेंशन, गाजियाबाद) ने अपने इस काले कारोबार के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है:
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डार्क वेब और फर्जी पता: गौरव डार्क वेब के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करों से संपर्क करता था और उन्हें क्रिप्टोकरंसी (Cryptocurrency) में भुगतान करता था। माल को मंगाने के लिए वह फर्जी पतों का उपयोग करता था और कूरियर एजेंसियों के कर्मचारियों से मिलीभगत कर उन ‘Unattended’ (लावारिस) पैकेटों को चुपचाप निकाल लेता था।
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छात्रों को टारगेट: आरोपी ने व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर विभिन्न कॉलेजों और हॉस्टलों के कम्युनिटी ग्रुप व ब्रॉडकास्ट लिस्ट बना रखी थीं। वह इन ग्रुप्स में उच्च क्वालिटी के इम्पोर्टेड गांजे (OG), चरस और ड्रग्स का प्रचार कर छात्रों से ऑनलाइन ऑर्डर लेता था।
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पेन ड्राइव जैसी पैकिंग और ऑनलाइन पेमेंट: ऑर्डर के पैसे यूपीआई (UPI) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर कराए जाते थे। इसके बाद नशीले पदार्थों की पैकिंग इस तरह की जाती थी ताकि छूने पर वह कोई पेन ड्राइव या कंप्यूटर का सामान प्रतीत हो। डिलीवरी के लिए Rapido, Uber, Ola और PORTER जैसी कोरियर/कैब सेवाओं का इस्तेमाल किया जाता था।
ड्रग्स के दाम का ब्योरा: प्रति ग्राम हजारों की कमाई
गौरव ने पूछताछ में बताया कि वे छात्रों को विभिन्न नशीले पदार्थ निम्नलिखित मोटी कीमतों पर बेचते थे:
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OG (इम्पोर्टेड गांजा): ₹1,400 प्रति ग्राम
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हैश (Hash/चरस): ₹4,500 प्रति 10 ग्राम
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बाबा कुश (TCH ऑयल): ₹5,500 प्रति ग्राम
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LSD: ₹4,400 प्रति ग्राम
इस अवैध काली कमाई को खपाने के लिए गिरोह ने 02 प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां रजिस्टर्ड करा रखी थीं और विभिन्न बैंकों में कुल 17 बैंक खाते खोल रखे थे, जिन्हें इस धंधे में प्रयुक्त किया जा रहा था।
हत्या और आर्म्स एक्ट समेत लंबा आपराधिक इतिहास
पकड़ा गया आरोपी गौरव खन्ना कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि एक शातिर और पुराना अपराधी है। उसने वर्ष 1999 में डीएवी पीजी कॉलेज, फरीदाबाद से बीबीए (BBA) किया था, लेकिन पढ़ाई के दौरान ही उसने अपने साथी छात्र हेमराज की हत्या कर दी थी, जिसके जुर्म में वह 10 महीने रोहतक जेल में बंद रहा था। जमानत पर छूटने के बाद उसने फरीदाबाद में फाइनेंस का काम शुरू किया, जहां मारपीट, हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट के मुकदमों में वह फिर जेल गया और कोर्ट से उसे 2 वर्ष की सजा भी हो चुकी है।
अभियुक्त पर दर्ज मुख्य मुकदमे:
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मु0अ0सं0 499/2011 (धारा 186/332/333/353/506 भादवि) – थाना सेन्ट्रल फरीदाबाद, हरियाणा।
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मु0अ0सं0 68/2012 (धारा 25/24/59 आर्म्स एक्ट) – थाना सेक्टर-7, फरीदाबाद, हरियाणा।
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मु0अ0सं0 116/2021 (धारा 188/420/120बी भादवि व 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम) – थाना लोधी कॉलोनी, दिल्ली।
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मु0अ0सं0 251/2026 (धारा 8/20/22 एनडीपीएस एक्ट एवं 4/25 आर्म्स एक्ट) – थाना नन्दग्राम, गाजियाबाद।
साथी करन राजीव की गिरफ्तारी के बाद से चल रहा था वांछित
गौरतलब है कि इसी महीने 5 मई 2026 को एसटीएफ ने इस गैंग के एक अन्य सक्रिय सदस्य करन राजीव (निवासी राजनगर एक्सटेंशन, गाजियाबाद) को गिरफ्तार किया था। करन के पास से भारी मात्रा में मादक पदार्थ (252 ग्राम चरस, 143 ग्राम इम्पोर्टेड गांजा, 72 ग्राम अल्फा पाउडर, 67 ग्राम बाबा कुश), इलेक्ट्रॉनिक तराजू, 17 चेकबुक, 28 डेबिट-क्रेडिट कार्ड और एक होंडा अकॉर्ड कार बरामद हुई थी। थाना नन्दग्राम पर दर्ज इसी मुकदमे (मु0अ0सं0 251/2026) में मुख्य सरगना गौरव खन्ना वांछित चल रहा था और छिपता घूम रहा था।
गौरव खन्ना की गिरफ्तारी के बाद अब स्थानीय पुलिस और एसटीएफ उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य मददगारों और फरार साथियों की तलाश में जुट गई है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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